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पहले हाथ पर लिखा Sorry G और फिर दुपट्टे को फंदा बना झूल गई 12 साल की बच्ची

बच्चे नासमझ होते हैं। ये बात हम सभी जानते हैं। लेकिन कभी कभी यह नासमझी उनकी जान भी ले लेती है। अब मध्यप्रदेश के इंदौर शहर की इस घटना को ही ले लीजिए। यहां एक 12 साल की लड़की ने फांसी के फंदे पर झूल अपनी जान दे दी। मरने के पहले उसने अपने हाथ पर नुकीली चीज से  SORRY G लिखा। इसके अलावा उसके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला।

यह पूरा मामला इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र के वैष्णोदेवी नगर का है। यहां एक कांस्टेबल दंपती की 12 वर्षीय बेटी आयुषी ने फंदे पर झूल मौत को गले लगा लिया। बेटी के मौत की खबर और उसका इमोशनल सुसाइड नोट देख अब माता-पिता बिलख रहे हैं। आयुषी ने यह फंदा घर की कुर्सी पर खड़े होकर लगाया। ऐसा करते समय उसने अपने मोबाईल से सेल्फ़ी भी ली।

फांसी का फंदा लगाने के लिए आयुषी ने दो दुपट्‌टो का सहारा लिया। यह पूरी घटना मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे की बताई जा रही है। इस समय एसएएफ में सिपाही पिता अतुल सोलंकी और कांस्टेबल मां हाईकोर्ट में ड्यूटी पर थे। उनकी बेटी घर में अकेल थी। छोटे भाई बहन पास के घर में बच्चों के साथ खेल रहे थे। जब दोनों भाई बहन घर आए तो उन्होंने आयुषी को आवाज दी। कई आवाजों के बाद भी जब वह अंदर से नहीं आई तो पड़ोसियों ने खिड़की से झांक कर देखा। आयुषी फंदे पर लटक रही थी।

आयुषी को इस हालत में देख पड़ोसियों ने माता पिता को सूचना दी। साथ ही पुलिस को भी इसकी जानकारी देकर बुलाया गया। पुलिस ने जब जांच की तो पाया कि आयुषी मरने के पहले मोबाईल में एक वीडियो बार बार देख रही थी। इस वीडियो में मैजिक के जैसे फंदा लगता है और फिर खुल जाता है। इसके अलावा पुलिस को आयुषी के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है।

इस सुसाइड नोट में आयुषी ने अपनी सहेलियों को सॉरी कहा है। उसने लिखा कि ‘दोस्तों हमारे बीच जो भी गलत पहमियां हुई हैं उन्हें भूल जाना। जो भी बात हुई उसको भी इग्नोर कर देना।’ सुसाइड नोट के आलवा आयुषी ने अपने बाएं हाथ पर किसी नुकीली चीज से SORRY G भी लिखा। ये सब करने के बाद ही वो फंसी के फंदे पर लटक गई।

एक रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में हर महीने 12 से 15 सुसाइड के केस होते हैं। ये बड़े दुख की बात है कि लोग इतनी जल्दी जिंदगी से हार मान लेते हैं। खासकर जब छोटे बच्चे ऐसा करते हैं तो बहुत दुख होता है। ऐसे में माता पिता को अपने बच्चों को लाइफ की अहमियत समझानी चाहिए।

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