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उमर खालिद ने प्लानिंग के साथ दिल्ली में करवाए थे दंगे, मोबाइल से पुलिस को मिले अहम् सबूत

जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद इस समय दिल्ली पुलिस की रिमांड पर हैं। जहां पर इससे दिल्ली दंगों को लेकर पूछताछ की जा रही है। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को गिरफ्तार किया था और इनकी रिमांड कोर्ट से ली थी। ताकि दिल्ली दंगों को लेकर इनसे पूछताछ की जा सके। वहीं दूसरी और दिल्ली पुलिस को उमर खालिद के मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट मिल गई है। जो कि 11 लाख पन्नों की है। उमर खालिद के मोबाइल से 40 जीबी डेटा मिला है। जो कि दंगों से संबंधित पाया गया है। फोन से मिले इसी डाटा की जांच अब पुलिस कर रही है और ये पता लगाने में लगी है कि आखिर कौन लोग उमर के साथ इस साजिश में शामिल थे।

दिल्ली दंगों की साजिश में गिरफ्तार किए गए उमर खालिद को स्पेशल सेल ने 10 दिन की पुलिस रिमांड पर ले रखा है। पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि उमर खालिद दिसंबर 2019 से ही सीएए व एनआरसी के विरोध में दंगें रचने की साजिश कर रहा था और ऐसा करने के लिए ये अपने साथ अधिक लोग जोड़ रहा था। उमर खालिद ने पूर्वी दिल्ली में कई जगह भड़काऊ भाषण भी दिए थे और  प्रदर्शनकारियों को उकसाया था। ये कई व्हाट्स एप ग्रुप से भी जुड़ा हुआ था। जहां पर दंगों को लेकर बात होती थी।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की ओर से जो पूरक आरोप पत्र तैयार किया है। उसके अनुसार उमर खालिद और राहुल राय के कहने पर ऐसी जगहों को धरना-प्रर्दशनों के लिए चुना गया था। जहां लोग अधिक आते जाते थे। इन्होंने ऐसे हालात पैदा किए जिससे की टकराव पैदा हुआ और दंगे भड़क गए। उमर खालिद के इशारों पर ही महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा धरना स्थलों पर एकत्रित किया गया। ताकि पुलिस बल का प्रयोग न हो सके और ये अपनी साजिश में कामयाब हो सके।

गौरतलब है कि दिसंबर 2019 में दिल्ली की कई जगहों पर धरना प्रदर्शन शुरू हुआ था जो कि मार्च 2020 तक रहा था। वहीं फरवरी 2020 को दिल्ली में दंगे हो गए थे। जिसमें कई लोग मारे गए थे और खूब तोड़फोड़ की गई थी। इन दंगों के कारण लंबे समय तक दिल्ली का माहौल खराब रहा था। वहीं दंगों को भड़के व इसकी साजिश रचने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने सबसे पहले ताहिर हुसैन को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार उमर ने ताहिर से भी मुलाकात की थी।

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