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चाणक्य के अनुसार भूलकर भी किसी दूसरे को न बताए ये राज, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

चाणक्य, विदुर और गंगापुत्र भीष्म नीति शास्त्र के महान विद्वानों में से रहे हैं और इनके नीति और जीवन से संबंधित ज्ञान भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। इसके अलावा हिदोपदेश, जातक कथाएं और अन्य नीति कथाओं से भी हमें जीवन का ज्ञान, नीति का ज्ञान और धर्म से संबंधित शिक्षाएं प्राप्त होती हैं। इन्हीं में कुछ ऐसी बातें लिखी हैं, जो आपको अवश्य जानना चाहिए। इन पौराणिक कथाओं में से आज हमने ऐसी 10 बातों का संकलन किया है, जिसे हमेशा दूसरों से गोपनीय रखना चाहिए। आइये जानते हैं, आखिर क्या हैं वो 10 बातें जो आपको किसी से नहीं बताना चाहिए।

आपको हमेशा ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए, जो आपके विषय में खोद खोद कर पूछताछ करते हों। अगर कोई आपकी शक्ति, कमजोरी और बैकग्राउंड जानने की कोशिश करे, तो समझ जाएं कि वो आपका अहित चाहता है।

घर-परिवार की बातें

बहुत से ऐसे लोग होते हैं, जो अपने घर परिवार की बातें अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से शेयर करते रहते हैं, अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सम्हल जाएं नहीं तो आपको बाद में पछताना पड़ सकता है। दरअसल घर परिवार की बातों को करने से घर के सदस्यों में आपसी मनमुटाव और अविश्वास की भावना बढ़ती है। कोशिश करनी चाहिए कि घर की बातें घर में ही रहे। इससे आपका परिवार सुखी रहेगा।

घर परिवार में छोटी मोटी समस्याएं होती रहती हैं लेकिन अपने घर की बातों को बाहर नहीं ले जाना चाहिए। कुछ लोग तो ऐसे होते हैं, जो अपनी पत्नी के साथ रिश्ते को दूसरों से बताते हैं। हमेशा कोशिश करें कि अपने घर परिवार की बातें खुद तक सीमित रखें, सुनने वाले तो ताली बजाकर हट जाएंगे बाद में आपको इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। अपने घर की बातें बताकर आप दूसरों से सहानुभूति जरूर हासिल कर सकते हैं, लेकिन इससे आपकी कमजोरी का प्रदर्शन होगा।

घर का रहस्य 


कई लोग होते हैं, जो अपना घर दिखाने के चक्कर में घर के कोने कोने से उनको अवगत करा देते हैं। जो आपके विश्वासपात्र हैं, उन्हें आप घर दिखा सकते हैं, लेकिन देखा जाता है कि कई लोग अपने घर में आए सभी को घर के रहस्य बताने लगते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाएं, नहीं तो आपको बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

पुराने समय की बात की जाए, तो लोग संयुक्त परिवार में रहते थे और घर भी काफी बड़े बड़े होते थे। उन दिनों ये धारणा प्रचलित थी कि किसी को भी अपने घर का रहस्य नहीं बताना है। सभी के कमरे अलग अलग होते थे और सभी का अपना व्यक्तिगत जीवन होता था। बहरहाल अगर आपके घर में कोई रिश्तेदार आता जाता है, तो आप ये सुनिश्चित कर लें कि उसका आना जाना केवल आपके घर के गेस्ट रूम तक ही रहे।

धन

लोगों की ये जानने की इच्छा हमेशा रहती है कि आप कितना पैसा कमाते हैं। अगर आप इन्हें नहीं बताएंगे, तो ये लोग दूसरे तरीके से जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि अपने धन की बातें हमेशा गोपनीय रखनी चाहिए। बता दें कि हमेशा से ही ये सलाह दी जाती है कि अपने धन का ब्यौरा किसी को नहीं देना चाहिए, लेकिन अपनी पत्नी को इस बारे में जरूर बताएं।

अपमान

कभी भी अपमान का सहन नहीं करना चाहिए, अगर आपका सामाजिक रूप से अपमान किया जाता है तो इसका विरोध जरूर करें। लेकिन इसे ज्यादा दिन तक अपने दिमाग में न बिठाएं, बल्कि ये कोशिश करें कि आपके साथ दोबारा कोई ऐसा न कर पाए। साथ ही ये याद रखें कि कभी भी सहानुभूति पाने के लिए अपने अपमान का प्रचार प्रसार न करें। अगर आप अपने अपमान का प्रचार-प्रसार करते हैं, तो आप सिर्फ हंसी के पात्र बनते हैं।

अयोग्यता या कमजोरी

कहा जाता है कि अपनी कमजोरी के बारे में किसी को नहीं बताना चाहिए, नहीं तो लोग गलत फायदे उठाते हैं। अगर आप अपनी कमजोरी के बारे में किसी को बताते हैं तो हो सकता है कि वो आपके साथ गलत व्यवहार करने लगे या फिर आप पर मानसिक दबाव बनाए। इसलिए इस बारे में आप अच्छे से विचार कर लें कि कब, कहां कौन सी कमजोरी गोपनीय रखनी है। साथ ही इस बात का अंतर करना भी सीख लें कि कमजोरी और अयोग्यता में फर्क होता है।

मन की बात 

अपने मन की बात बताकर आप किसी बड़े संकट में पड़ सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि आप किसी बात को लेकर क्रोधित हो जाते हैं या आपके अंदर घृणा पैदा हो जाती है। मन में हजारों तरह के विचार उत्पन्न होते हैं, लेकिन एक बुद्धिमान और चतुर इंसान सिर्फ उन्हीं बातों को व्यक्त करता है जो उसके हित में हो। अगर आप अपने मन की हर बात को जगजाहिर करेंगे, तो लोग आपके बारे में एक धारणा बनाना शुरू कर देंगे।

गुरुमंत्र, साधना और तप 

अगर आपने किसी योग्य गुरू से दीक्षा या मंत्र लिया है, तो गुरू द्वारा दिए गए मंत्र का बखान न करें। गुरूमंत्र को हमेशा गोपनीय रखना चाहिए। यही नहीं अगर आप किसी प्रकार की साधना, तप, ध्यान या उपवास रख रहे हैं, तो उसे भी गोपनीय ही रखें अन्यथा वह निष्फल हो जाएगा।

दवा

यदि आप किसी प्रकार की बीमारी से ग्रसित हैं और दवा खाते हैं, तो इसे गोपनीय ही रखें। ऐसा कहा जाता है कि दवा का असर तभी होता है, जब तक वो गोपनीय रहता है। हालांकि प्राचीन काल में हो सकता है कि ये बात किसी विशेष रोग या औषधि के संबंध में कहा गया हो क्योंकि पहले के लोग कुछ दुर्लभ वनस्पति के जानकार होते थे।

आयु 

कहा जाता है कि अपने आयु का प्रचार प्रसार नहीं करना चाहिए। कुछ लोग अकारण ही आयु पूछते रहते हैं तो ऐसे लोगों को कतई अपने आयु की जानकारी न दें। हालांकि वर्तमान समय में ये संभव नहीं है क्योंकि लाइसेंस, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों में आयु का उल्लेख होता है। खैर, जहां जरूरत न हो वहां अपनी आयु न बताएं।

दान 

कई लोग होते हैं, जो पहले दान करते हैं और फिर पूरे समाज में उसका प्रचार प्रसार करते हैं। ऐसे लोगों को कभी भी उस दान का लाभ नहीं मिलता है। कहा जाता है कि दान गोपनीय रहता है, तभी उसका पुण्य मिलता है और जिस दान का बखान हो जाता है उसका फल निष्फल हो जाता है। अगर आप मंदिर में किसी गरीब को भोजन कराते हैं या किसी प्रकार की आर्थिक मदद करते हैं, तो उसका अपने मुंह से प्रचार न करें।

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