अध्यात्म

कोरोना काल में इस मंदिर ने निकाला अनोखा जुगाड़, लगाई सेंसर वाली घंटी, ऐसे करती है काम

कोरोना वायरस के कारण देश के सभी मंदिरों में दर्शन करने से जुड़े नए नियम बनाए गए हैं। इन नियमों के तहत भक्तों को मंदिर में किसी भी चीज को छूने की अनुमति नहीं है। साथ में ही भक्तों को घंटी बजाने और भगवान को प्रसाद चढ़ाने की अनुमति भी सरकार की और से नहीं दी गई है। सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के तहत भक्त केवल दूर से ही भगवान के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर में दर्शन करने से जुड़े इतने सख्त नियमों के बीच छत्तीसगढ़ के धमतरी के एक मंदिर में सेंसर वाली घंटी (Censor bells) लगाई गई है। ताकि मंदिर आने वाले लोग घंटी को बजा सकें। धमतरी में स्थित विंध्यवासिनी देवी मंदिर में कोरोना को देखते हुए ये घंटी लगाई गई है। सेंसर घंटी लगने के बाद फिर से मंदिर में अब घंटी की आवाज गूंजने लगी है। इस घंटी की विशेषता ये हैं कि इसे बिना छूए बजाया जा सकता है। ऐसे में मंदिर में आने वाले भक्त बिना कोरोना वायरस संक्रमण के डर से इस घंटी को बजा पा रहे हैं।

लंबे समय से ढकी थी घंटी

इस मंदिर में लगी घंटी को कोरोना वायरस के कारण ढक दिया गया था और लोग मंदिर में आकर दूर से ही भगवान के दर्शन करके लौट जाते थे। मंदिर में प्रवेश करते समय लोग घंटी नहीं बजा पा रहे थे। इस समस्या को देखते हुए ये हल निकाला गया और इस घंटी में सेंसर लगा दिया गया। मंदिर के पुजारियों के अनुसार 100 साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि घंटियों पर रोक लगी हो। इस रोक को देखते हुए ये इंतजाम किया गया।

मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा ने बताया कि कोरोना की वजह से 100 साल में पहली बार मंदिर की घंटियां नहीं बजीं। वहीं सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण के दिन कपाट बंद रहे, जिसके बाद ये व्यवस्था की गई और अब मंदिर में आने वाले भक्त इस घंटी को बजा सकते हैं। इस विशाल घंटी के पास ही सेंसर रखा गया है। जिसे दबाने से घंटी अपने आप ही बजने लग जाती है। इस सेंसर की मदद से बिना घंटी को छूए इसे बजाया जा सकता है।

देवी पर लोगों की गहरी आस्था

धमतरी के विंध्यवासिनी मंदिर को बिलई माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है और नवरात्र के दौरान इस मंदिर में दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान मां के दर्शन करने से हर कामना पूरी हो जाती है। इस मंदिर में ना केवल देश बल्कि विदेश से भी लोग आते हैं। वहीं लॉकडाउन के कारण इस मंदिर को बंद करना पड़ा था। जिसकी वजह से लोग मां के दर्शन नवरात्रि के दौरान नहीं कर पाए थे।

वहीं मंदिर खुलने के बाद भक्त घंटी नहीं बजा पा रहे थे। ऐसे में मंदिर में घंटी की आवाज नहीं गूंज पा रही थी। इस समस्या को हल करते हुए मंदिर में सेंसर वाली घंटी लगाई गई। ताकि फिर से मंदिर की रौनक वापस आ सके। पुजारी राजेश शर्मा ने बताया कि बिना घंटियों की गूंज के मंदिर सूना सा हो गया था। बिना घंटियों की आवाज के और मंदिर में कमी लगती थी।

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