अध्यात्म

बुधवार को कर दें ये 6 सरल उपाय, खुल जाएगा भाग्य, दूर हो जाएंगे सारे दुख

जीवन में सुख सृमद्धि पाने के लिए आप नीचे बताए गए उपायों को बुधवार के दिन करें। इन उपायों को करने से आपका जीवन खुशियों से भर जाएगा। साथ में ही कर्ज मुक्ति से भी राहत मिल जाएगी। तो आइए नजर डालते हैं इन उपायों पर।

करें गणेश जी की पूजा

बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। इसलिए बुधवार को इनकी पूजा जरूर करें। इनकी पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। बुधवार को आप सुबह स्नान कर गणपत्ति जी का पूजन करें। पूजा करते समय इन्हें दूर्वा और लड्डू का भोग भी जरूर लगाएं।

करें पैसों का दान

बुधवार के दिन पैसों का दान करना उत्तम होता है। इस दिन अगर किन्नरों को कुछ पैसे दान दिए जाएं और इनसे एक रुपए का सिक्का आशीर्वाद के रूप में ले लिया जाए, तो ये लाभकारी होता है। दरअसल किन्नरों से पैसे लेने से आर्थिक तंगी नहीं होती है और धन की वर्षा होने लग जाती है। इसलिए बधुवार को हो सके तो किन्नर को पैस दान करें और उनसे एक रुपए का सिक्का ले लें। वहीं सिक्का लेने के बाद उसे पूजा के स्थान पर रख दें और उसके सामने धूपबत्ती जला दें। फिर हरे कपड़े में इसे लपेटकर धन वाले स्थान पर रख दें। इससे धन में बरकत आएगी।

तिजोरी में रख दें कौड़ियां

बुधवार के दिन 7 साबुत कौड़ियां लेकर उन्हें घर के पूजा स्थान पर रख दें। इसके बाद इनकी पूजा करें। इन्हें लाल रंग के कपड़े में लपेट दें। इसके बाद इन्हें अपनी तिजोरी में रख दें।

मूंग दाल का उपाय

बरकत के लिए इस उपाय को करें। उपाय के तहत एक मुट्ठी हरे खड़े मूंग और सात कौड़ियों को एक साथ हरे कपड़े में बांध दें। इसके बाद किसी मंदिर में जाकर इन्हें सीढ़ियों पर रख आएं। याद रहे की ये उपाय करते हुए आपको कोई देखे नहीं और साथ में ही इन्हें मंदिर की सीढ़ियों पर रखने के बाद आप पीछे मुड़कर ना देखें।

गाय को खिलाए दाल

बुधवार के दिन मूंग दाल को उबाल ले। फिर इसमें घी और शकर मिलाकर गाय को खिला दें। ये उपाय करने से आपको कर्ज मुक्ति मिल जाएगी।

ग्रह को करें शांत

जिन लोगों की कुंडली में राहु ग्रह भारी है वो लोग बुधवार को ये उपाय करें। उपाय के तहत बुधवार की रात को एक नारियल सिर के पास रखकर सो जाएं और अगले दिन इस नारियल को किसी गणेश मंदिर में रख आएं। नारियल रखते समय इसके साथ कुछ पैसे भी रख दें। साथ ही विघ्नहर्ता गणेश स्रोत का पाठ भी करें।

गणेश स्तोत्र का पाठ –

प्रणम्य शिरसा देवं गौरी विनायकम् ।
भक्तावासं स्मेर नित्यमाय्ः कामार्थसिद्धये ॥1॥

प्रथमं वक्रतुडं च एकदंत द्वितीयकम् ।
तृतियं कृष्णपिंगात्क्षं गजववत्रं चतुर्थकम् ॥2॥

लंबोदरं पंचम च पष्ठं विकटमेव च ।
सप्तमं विघ्नराजेंद्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम् ॥3॥

नवमं भाल चंद्रं च दशमं तु विनायकम् ।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजानन् ॥4॥

द्वादशैतानि नामानि त्रिसंघ्यंयः पठेन्नरः ।
न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो ॥5॥

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मो क्षार्थी लभते गतिम् ॥6॥

जपेद्णपतिस्तोत्रं षडिभर्मासैः फलं लभते ।
संवत्सरेण सिद्धिंच लभते नात्र संशयः ॥7॥

अष्टभ्यो ब्राह्मणे भ्यश्र्च लिखित्वा फलं लभते ।
तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः ॥8॥

॥ इति श्री नारद पुराणे संकष्टनाशनं नाम श्री गणपति स्तोत्रं संपूर्णम् ॥

ऊपर बताए गए बुधवार के उपाय बेहद ही कारगर है। इसलिए आप इन उपायों को जरूर करके देखें।

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