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पकड़े गए कानपुर कांड के गद्दार, पुलिस में रहकर बदमाश विकास दुबे के लिए करते थे मुखबिरी

कानपुर के बिकरु गांव मुठभेड़ कांड में चौबेपुर थाने के एसओ विनय तिवारी और दारोगा के.के शर्मा को सम्मिलित पाया गया है और इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने अपनी जांच में पाया है कि एनकाउंटर शुरू होते ही ये दोनों मौके से भाग गए थे और ये दोनों विकास दुबे के साथ भी मिले हुए थे।

पुलिस महकमे ने इन दोनों को बुधवार को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद से विनय तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया था और पूछताछ के लिए उसे हिरासत में लिया गया था। वहीं अब पुलिस ने विनय तिवारी और दरोगा के.के शर्मा की गिरफ्तारी कर लिया है। कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि विनय तिवारी और शर्मा दोनों ही मुठभेड़ के वक्त बिकरु गांव में मौजूद थे। लेकिन एनकाउंटर शुरू होते ही ये दोनों भाग गए थे।

इन दोनों ने ही दी थी रेड की जानकारी

विनय तिवारी और केके शर्मा

एसएसपी दिनेश प्रभु के अनुसार विनय तिवारी और केके शर्मा ने ही विकास दुबे को पुलिस रेड की जानकारी दी थी। जिसके बाद विकास ने अपने लोगों को जमा कर पुलिस पर हमला कर दिया था। पुलिस ने जांच में ये भी पाया कि जब विकास को रेड की जानकारी लगी तो उसने के.के शर्मा को फोनकर धमकाया था और पुलिस टीम को गांव में आने से रोकने को कहा था।

डीआईजी का भी किया गया तबादला

डीआईजी अनंत देव त्रिपाठी

इस मामले की जांच कर रहे एसटीएफ के डीआईजी अनंत देव त्रिपाठी का भी तबादला कर दिया गया है। दरअसल कानपुर मुठभेड़ में शहीद हुए डीएसपी देवेंद्र मिश्रा ने डीआईजी अनंत देव त्रिपाठी को पत्र लिखकर विनय तिवारी और विकास तिवारी की दोस्ती के बारे में बताया था। पत्र में देवेंद्र मिश्रा ने डीआईजी से कहा था कि एसओ तिवारी गैंगस्टर विकास दुबे का बचाव करता हैं और इन पर कार्रवाई की जाए। ये पत्र डीआईजी को मार्च महीने में लिखा गया था। लेकिन डीआईजी अनंत देव ने इस पत्र को अनदेखा किया। वहीं अब ये पत्र पुलिस रिकॉर्ड में नहीं मिल रहा है। ऐसे में डीआईजी अनंत देव त्रिपाठी पर भी शक की सुई जा रही है और मंगलवार को डीआईजी अनंत देव त्रिपाठी को इस केस से हटाकर पीएसी भेज दिया गया है।

अभी तक फरार है विकास दुबे

विकास दुबे को हाल ही में फरीदाबाद के होटल में देखा गया था। जहां पर ये अपने साथियों से मिलने के लिए आया था। हालांकि पुलिस के आने से पहले ही विकास एक ऑटो में सवार होकर भाग गया था। पुलिस के अनुसार शुक्रवार को कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों को मारने के बाद विकास दुबे भागकर फरीदाबाद के सेक्टर-87 में रिश्तेदार श्रवण के घर गया था। उसने पहले होटल में कमरा लेने की कोशिश की थी लेकिन आईडी में फोटो क्लियर ना होने के चले उसे रुम नहीं मिल सका। वहीं जिस रिश्तेदार के यहां ये रोका था पुलिस ने उसे ( श्रवण), उसके बेटों अंकुर और प्रभात को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास 4 पिस्टल मिली हैं, जिनमें से 2 यूपी पुलिस की हैं। वहीं अब यूपी पुलिस ने विकास के ऊपर इनाम राशि को 2.5 लाख से बढ़ाकर, 5 लाख कर दी है।

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