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ड्रैगन को अजीत डोभाल ने दी अपने दम पर मात, चीनी सेना के साथ इस तरह से सुलझाया सीमा विवाद

अजित डोभाल फिर से साबित हुए गेम चेंजर, बदल कर रख दिया भारत-चीन में संबंधों का खेल

चीन की सेना पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी के पेट्रोल पॉइंट 14 से कम से कम एक किलोमीटर पीछे हट गई है। बताया जा रहा है कि चीनी सेना के पेट्रोल पॉइंट 14 से पीछे हटने के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल का हाथ है। रविवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बात की थी। जिसके बाद आज चीनी सेना ने तनाव को कम करते हुए पीछे हटने का फैसला लिया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच करीब 2 घंटे लद्दाख सीमा विवाद पर बातचीत हुई थी। ये बातचीत वीडियो कॉल के जरिए की गई थी। वीडियो कॉल के दौरान भारत और चीन के बीच इस बात पर सहमति बनी कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव को खत्म किया जाएगा और विवादित सीमा क्षेत्र में ऐसी कोई एकतरफा कार्रवाई नहीं होगी, जिससे वास्तुस्थित बदल सके।

भारतीय विदेश मंत्रालय की और से सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बातचीत की जानकारी दी गई है। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री के बीच रविवार को फोन पर बातचीत की गई। इन दोनों ने बातचीत के दौरान भारत-चीन सीमा इलाकों के वेस्टर्न सेक्टर में हाल के दिनों में हुए विवाद पर गहरी और खुलकर चर्चा की। दोनों पक्ष इस बात पर राजी हुए कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव मुक्त करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए।

आगे भी जारी रहेगी बातचीत

मंत्रालय की और से इस बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया है कि भारत-चीन सीमा पर द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के तहत शांति और अमन की बहाली के लिए अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री के बीच बातचीत आगे भी जारी रहेगी। बातचीत के दौरान इस बात पर जोर दिया गया है कि दोनों पक्षों को वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करना चाहिए और वस्तुस्थिति को बदलने के लिए कोई भी एकतरफा कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। साथ में ही इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि भविष्य में किसी भी ऐसी घटना जिनसे सीमाई इलाकों में शांति और अमन को खतरा हो उसे नजरअंदाज किया जाए।

चीन के विदेश मंत्रालय की और से भी इस बातचीत को लेकर बयान जारी किया गया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि चीन और भारत के सैनिकों में 30 जून को कमांडर स्तर की बातचीत हुई। दो दौर की वार्ता में बनी सहमित पर दोनों पक्ष अमल कर रहे हैं। अग्रिम पंक्ति की सेनाओं में प्रगति हुई है, तनातनी और तनाव कम करने के लिए प्रभावी कमद उठाए जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष चीन की ओर बढ़ेगा और ठोस कार्रवाई के माध्यम से आम सहमति को लागू करेगा। सीमा क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर संवाद कायम रखेगा। वहीं जब झाओ लिजियान से मीडिया ने चीन के पीछे हटने पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहा कि चीनी सैनिक पीछे हटे हैं।

भारत-चीन के बीच हुई थी सैन्य झड़प

गौरतलब है कि 15 जून को भारत और चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प हुई थी। जिसमें दोनों देशों की सेना को नुकसान हुआ था। इस झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे। जबकि एक अनुमान के तहत चीन के 40 से अधिक सैनिक मारे गए थे। इस घटना के बाद चीनी सेना ने गलवान की विवादित सीमा पर बंकर और अस्थायी ढांचे तैयार कर लिए थे। लेकिन अब ये मामला सुलझा लिया गया है और चीन की सेना ने पीछे हटने के साथ-साथ अपने बंकर और अस्थायी ढांचों को पेट्रोल पॉइंट 14 से हटा लिया है।

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