नई दिल्ली – राम मंदिर हमेशा से बीजेपी के लिए एक अहम मुद्दा रहा है। बीजेपी लगभग हर चुनाव में इस मुद्दे को उठाती रही है। इस बार के विधानसभा चुनावों में भी बीजेपी की ओर से इस मुद्दे को उठाया गया। अब चूंकि प्रचंड बहुमत के बाद प्रदेश में बीजेपी की सरकार बन चुकी है, सभी हिन्दु इस उम्मीद में है कि बीजेपी अपने वादे को पूरा करेगी और जल्द ही इस मसले का कोई हल निकलेगा। इसी बीच राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि दोनों पक्ष इस मामले को कोर्ट के बाहर सुलझा लें तो ठीक रहेगा। Court comment on Ram mandir issue.

राम मंदिर-मस्जिद विवाद को कोर्ट के बाहर सुलझा लें –  

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से इस मामले को सुलझा लें। कोर्ट ने कहा कि क्योंकि यह आस्था से जुड़ा मुद्दा है इसलिए इसे कोर्ट के बाहर हल किया जाए तो बेहतर होगा। कोर्ट ने कहा है कि दोनों पक्ष मिलकर इसका हल निकाले।

अगर फिर भी कोई हल नहीं निकलता है तो कोर्ट हस्तक्षेप करेगा। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा कोर्ट में अयोध्या मामले की तुरंत सुनवाई के लिए दायर याचिका पर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्योंकि यह धर्म और आस्था का मसला है इसलिए इसका निपटारा कोर्ट के बाहर हो जाए, तो बेहतर होगा।

 

राम मंदिर बीजेपी के लिए आस्था से जुड़ा मुद्दा –

चुनाव प्रचार के दौरान एक ओर योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को लेकर हुंकार भरी थी तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी के केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने भी कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भारतीय जनता पार्टी के लिए आस्था से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। राम मंदिर पर आपसी सहमति से हल निकालने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का गृह मंत्रालय ने स्वागत किया।

गौरतलब है कि यूपी विधानसभा चुनाव के अपने घोषणापत्र में बीजेपी ने संवैधानिक तरीके से राम मंदिर बनाए जाने की प्रतिबद्धता को दोहराया है। लेकिन जिस तरह से बीजेपी के चुनावी घोषणापत्र और नेताओं की जुबान से राम मंदिरा का मुद्दा उठाया जा रहा है, उससे कहीं न कहीं ऐसा लग रहा है कि प्रदेश की बीजेपी सरकार इस बार जरुर राम मंदिर बनवा कर ही दम लेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.