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योगी आदित्यनाथ नहीं हैं ‘मुस्लिम विरोधी’, इस मुसलमान के साथ खाना खाते हैं यूपी के सीएम!

नई दिल्ली जब से योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा हुई है, तब से देश विदेश में सिर्फ इस बात की चर्चा है कि वो कैसे सीएम साबित होंगे? क्या वे अपनी कट्टरवादी हिंदू छवि को छोड़ पाएंगे? क्या वे पीएम मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के रास्ते पर चल पाएंगे? उनके राज में सूबे के मुसलमान खुद को सुरक्षित महसूस कर पाएंगे? लेकिन सच्चाई इससे अलग है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले 35 सालों में योगी आदित्यनाथ के मंदिर में कोई भी कार्य सिर्फ मोहम्मद यासीन अंसारी नाम के शख्स की देखरेख में ही होता है। यहां तक कि निर्माण कार्य में खर्च होने वाले लाखों-करोड़ों रुपयों का जिम्मा भी उनके हाथों में ही है। Muslim superwiser of yogi’s temple.

मुसलमान है योगी आदित्यनाथ के मंदिर का सुपरवाइजर –

बातचीत के दौरान यासीन ने कहा कि उन्हें योगी आदित्यनाथ में मुस्लिम विरोधी छवि नहीं दिखती। वो जब भी मंदिर आते हैं तो सबसे पहले उनसे मिलते हैं और निर्माण कार्य की जानकारी लेते हैं और वह हमारे साथ बैठकर खाना भी खाते हैं। यासीन ने आगे कहा कि योगी सिर्फ ऐसे लोगों से नफरत करते हैं जो खाते तो हिन्दुतान का हैं लेकिन बातें देश विरोधी करते हैं। चाहे वो व्यक्ति हिंदू हो या मुसलमान योगी आदित्यनाथ सिर्फ ऐसे लोगों का ही विरोध करते हैं।

मुसलमान क्या सोचते हैं अपने नए सीएम को बारे में –

सच्चाई ये हैं कि जिस गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ सांसद हैं वहां के मुसलमान उनको लेकर बिल्कुल चिन्तित नहीं है। वो पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उनके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाता है। योगी आदित्यनाथ ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वो हर रोज जनता के लिए दरबार लगाते हैं और उनकी फरियाद सुनते हैं। इसमें हर किसी को आने और अपनी समस्या बताने की आजादी है। मोहम्मद यासीन अंसारी वर्ष 1777 से योगी आदित्यनाथ के गुरू ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ के समय से मंदिर से जुड़े हुए हैं। यासीन पहले मंदिर में बतौर कैशियर रहे और वर्तमान में वे मंदिर के सुपरवाइजर हैं।

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