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विशाखापट्टनम गैस लीक: 8 लोगों की मौत तो 170 एडमिट, चपेट में करीब 5 हजार लोग

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। जी हां, गुरुवार को सुबह 2:30 बजे एक फार्मा कंपनी में गैस लीक हो गया। अब तक इसकी चपेट में हजारो लोग आ चुके हैं। खबर लिखे जाने तक गैस लीक की वजह से 8 लोगों की मौत हो गई, तो करीब 170 लोगों को अस्पताल में एडमिट कराया गया। बताया जा रहा है कि इस त्रासदी की चपेट में करीब 5 हजार लोग हैं, जिसमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। प्रशासन द्वारा लोगों को अस्पताल पहुंचाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, आरआर वेंकटपुरम में स्थित विशाखा एलजी पॉलिमर कंपनी से खतरनाक जहरीली गैस का रिसाव हुआ है, जिसका प्रभाव तीन किलोमीटर तक के इलाके में देखने को मिला। फिलहाल, पांच गांव को खाली करा लिया गया है। बता दें कि गैस लीक होने की वजह से सैकड़ों लोग सिर दर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं, ऐसे में प्रशासन द्वारा अस्पताल को पूरी तरह से अलर्ट किया गया है।

रिसाव पर पाया गया काबू, 170 लोग एडमिट

गैस के रिसाव पर सुबह 10 बजे काबू पाया गया। इस दौरान 170 लोगों को अस्पताल में एडमिट कराया गया और अस्पतालों को अलर्ट पर कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, लगातार एम्बुलेंस में लोगों का लाया जा रहा है, ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके। बता दें कि सीएम जगन मोहन रेड्डी भी विशाखापट्टनम के लिए रवाना हो चुके हैं और वे पहुंच कर स्थिति का जायजा लेंगे।

सड़क पर बेहोश पड़े लोग

गैस लीक होने की तस्वीरें बेहद दर्दनाक है। लोग सड़कों पर बेहोश पड़े हुए नजर आ रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्ची समेत अभी तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, तो वहीं दूसरी तरफ 20 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि गैस लीक होने के बाद लोगों को इलाका तुरंत खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन फिर भी इसकी चपेट में हजारों लोग आ गए और एक दर्दनाक हादसा हो गया।

2000 हजार बेड की व्यवस्था की गई

हालात को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में करीब 2000 बेड की व्यवस्था कर ली गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, गैस लीक होने की वजह से लगभग 5000 लोग बीमार हो चुके हैं, ऐसे में स्थिति पर काबू पाना फिलहाल मुश्किल लग रहा है। इतना ही नहीं, करीब 3 हजार लोगों को रेस्क्यू में रखा है। इस दर्दनाक घटना से बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बता दें कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ के साथ साथ उल्टी और सिर दर्द भी हो रहा है, ऐसे में बस अब यही दुआ की जा सकती है कि जल्दी से जल्दी हालात पर काबू पाया जा सके।

2 दिसंबर, 1984 को हुआ था भोपाल गैस त्रासदी

2 दिसंबर, 1984 को भोपाल में गैस त्रासदी हुआ था, जिसमें करीब हजार लोगों की मौत हुई थी। उस समय इस त्रासदी ने सबको हिलाकर रख दिया था। दरअसल, उस रात भोपाल में यूनियन कार्बाइड की फैक्टरी से निकली कम से कम 30 टन अत्यधिक जहरीले गैस मिथाइल आइसोसाइनेट ने हजारों लोग की जान ले ली और कई लोगों को मानसिक और शारीरिक रुप से विकलांग बना दिया, जिनसे वे आज भी उबर नहीं पाए।

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