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‘पापा का कटा हाथ देख बेटे ने बंद कर दी टीवी, ताकि माँ न देख लें’- ASI के परिवार का छलका दर्द

कोरोना वायरस जैसी महामारी के खिलाफ पूरा देश लड़ रहा है। लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इस बीमारी की गंभीरता को समझने के लिए तैयार ही नहीं हैं। महामारी के इस दौर में, डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी अपना पूरा फर्ज निभा रहे हैं। इस समय इन सभी लोगों की ड्यूटी अतिरिक्त हो गई है। सभी पुलिसकर्मी इस वक्त लॉकडाउन के दौरान लापरवाही बरत रहे लोगों को रोक रहे हैं। लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें रोक लिया जाए तो उनके अहम पर चोट पहुँच रही है। इसी अहम ने पटियाला के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) हरजीत सिंह का हाथ काट दिया।

ये पूरा कुकृत्य निहंगों के एक समूह ने किया है। लेकिन सुखद खबर ये है कि पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च में डॉक्टर्स ने सर्जरी के द्वारा हरजीत सिंह का हाथ जोड़ दिया है। तो आइये जानते हैं,  इस घटना के बारे में हरजीत का परिवार क्या कहता है।

हरजीत सिंह  के हाथ काट दिए गए हैं।

हरजीत सिंह के परिवार में उनकी पत्नी बलविंदर सिंह और बेटा अर्शप्रीत हैं। उनके माता पिता उनके छोटे भाई गुरजीत सिंह के साथ रहते हैं। गुरजीत सिंह कहते हैं, मेरे बड़े भाई हरजीत सिंह पटियाला के सदर पुलिस स्टेशन में तैनात है। और मैं यहां से 20 किलोमीटर दूर राजपुरा सिटी में रहता हूँ। वे बताते हैं, सुबह सुबह मेरे पास, एक दोस्त का फोन आया। और उन्होंने बताया कि, हरजीत के हाथ काट दिए गए हैं। ये सुनकर मेरे होश उड़ गए। और मैं इसके बाद जल्दी से निकल गया। वहां जाकर देखा तो मेरे बड़े भाई के चेहरे पर जरा सा भी शिकन नहीं था। वहां उनका अच्छे से इलाज किया जा रहा था।

इसके आगे गुरजीत सिंह कहते हैं, हमने इस घटना की जानकारी किसी को भी नहीं दी थी। वे कहते हैं, हमें डर था कि भाभी (हरजीत सिंह की पत्नी) को ये बात बता देंगे तो उन्हें सदमा लगेगा। हां लेकिन मेरा भतीजा (हरजीत सिंह का बेटा) अर्शप्रीत सब कुछ टीवी पर देख चुका था। और उसने मुझे फोन करके कहा कि, चाचा मुझे सब मालूम है। लेकिन मैंने टीवी का कनेक्शन निकाल दिया है। ताकि मम्मी कुछ देख ना सके। गुरजीत कहते हैं, मैंने अपने माता-पिता को भी इसकी जानकारी शाम को दी थी।

हरजीत सिंह ने साल 1989 में पुलिस ज्वाइन की थी

असिस्टेंट सब-इंसपेक्टर हरजीत सिंह के भाई गुरजीत सिंह बताते हैं, मेरे बड़े भाई ने साल 1989 में पुलिस ज्वाइन की थी। उनका प्रमोशन एक साल पहले ही हुआ था। और वो एएसआई बने हैं। गुरजीत बताते हैं, मुझे इस घटना की जानकारी मिलते ही, बहुत ही खीझ हुई। मेरे दिमाग में ये आ रहा था कि, इस वक्त जब देश कोरोना जैसे महामारी से गुजर रहा है। तो पुलिस, सफाईकर्मी, स्वास्थयकर्मी हमारे भगवान स्वरूप हैं। वे कहते हैं, ये सभी लोग इस वक्त मानवता को बचाने का काम कर रहे हैं। और फिर भी उन लोगों के साथ ऐसा गंदा सलूक किया जा रहा है। गुरजीत कहते हैं, जब लॉकडाउन शुरू हुआ था, उस समय मेरी बात अपने भाई के साथ हुई थी। तब मैंने कहा था, अपना ख्याल रखना।

इसके अलावा गुरजीत सिंह सभी लोगों से अपील करते हैं, वे कहते हैं इस समय आप इन कर्मवीरों के साथ ऐसा सलूक मत कीजिए। पुलिसकर्मियों, स्वास्थयकर्मियों का भी अपना परिवार है। लेकिन वे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। और हम सबकी रक्षा कर रहे हैं। गुरजीत कहते हैं, अगर हम सभी लोग इस लड़ाई में साथ होंगे, तो जरूर फतेह मिलेगी। साथ ही, गुरजीत उन डॉक्टर्स को सैल्यूट करते हैं, जिन्होंने उनके भाई ASI हरजीत सिंह का हाथ जोड़ दिया।

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