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एडमिट कार्ड घर भूल गई थी छात्रा, पुलिसकर्मी नहीं करता मदद तो बर्बाद हो जाता छात्रा का साल

आज के समय में लोगों के दिमाग में पुलिस की एक ऐसी छवि बन चुकी है जिसे बदल पाना बहुत मुश्किल है. आम आदमी को यही लगता है की सभी पुलिस वाले एक जैसे ही होते हैं. पुलिस डिपार्टमेंट में बढ़ते भ्रष्टाचार को आज के समय में कोई नहीं नकार सकता। पर सभी पुलिस वाले एक जैसे नहीं होते हैं. पुलिस डिपार्टमेंट में आज भी बहुत सारे ऐसे पुलिस कर्मी मौजूद हैं जो लोगों की मदद करने में विश्वास करते हैं और अपना फ़र्ज़ सही तरीके से निभाते हैं. आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आप भी पुलिस वालो की अच्छाई पर विश्वास करने लगेंगे. यह मामला कोलकाता शहर का है. कोलकाता शहर में पुलिसकर्मी की मदद की वजह से एक छात्रा अपना 10वीं बोर्ड़ का एग्जाम  दे पाई. दरअसल, हुआ यह की ये छात्रा जब अपना एग्जाम देने के लिए घर से निकली तो एग्जाम देने के लिए समय पर पहुँचने की जल्दबाज़ी में अपना एडमिट कार्ड घर पर ही भूल गई.

जब वो अपने घर से 5 किलोमीटर आगे आ गयी तब उसे याद आया की वह अपना एडमिट कार्ड घर पर ही भूल आयी है. ऐसे में एक पुलिसकर्मी ने इस छात्रा की सहायता की और सभी लोगों के दिलो में अपनी एक खास जगह बना ली. जैसा की हम आपको बता चुके हैं की एक ट्रैफिक पुलिस सार्जेंट की सहायता से एक छात्रा अपने 10वीं बोर्ड के एग्जाम दे पाई. कोलकाता पुलिस ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि एक पुलिसकर्मी की सहायता से एक छात्रा अपना दसवीं बोर्ड का गणित का पेपर दे सकी.

इस छात्रा का नाम सुमन है. सुमन जब एग्जाम देने के लिए घर से निकली तो वो अपना एडमिट कार्ड घर भूल गई थी. जब वो एग्जाम देने के लिए परीक्षा केंद्र पहुंची तो तब उसे पता चला की वह अपना एडमिट कार्ड घर पर भी भूल चुकी है और बिना एडमिट कार्ड के उसे परीक्षा हाल में प्रवेश नहीं मिलेगा. ऐसे में सुमन बहुत घबरा गयी और परीक्षा केंद्र के निकट नजदीक तैनात एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी चेतन्य मलिक को अपनी समस्या बताई.

सुमन का एग्जाम जैसवाल विद्यामंदिर फोर गर्ल्स मणिकतल्ला में था और उसका घर साहित्य परिषद स्ट्रीट पर खन्ना क्रॉसिंग के नज़दीक था. सुमन की समस्या जानने के बाद पुलिसकर्मी मलिक ने सुमन की मां से कांटेक्ट किया. सुमन की माँ से बात करने के बाद मालिक सुमन के उसके घर गए. वो सुमन के घर जाकर उसका एडमिट कार्ड ले आए. एडमिट कार्ड मिलने के बाद सुमन परीक्षा हाल में प्रवेश कर पायी और अपना दसवीं बोर्ड का एग्जाम दे पायी. जब सुमन अपना बोर्ड का एग्जाम देकर स्कूल से बाहर निकली तो उसने सबसे पहले जाकर पुलिसकर्मी मलिक का शुक्रिया अदा किया. सुमन ने पुलिस कर्मी से कहा की अगर आज उन्होंने उसकी मदद ना की होती तो वह अपना एग्जाम नहीं दे पाती और उसका एक साल बर्बाद हो जाता.

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