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PFI से जुड़ा AAP का तार, क्या चुनाव जितने के लिए दिल्ली में कराया गया CAA विरोधी प्रदर्शन?

पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के दिल्ली प्रमुख के तार AAP नेता संजय सिंह से जुड़े हुए पाए गए हैं । पीएफआई केरल स्थित कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन है, देश विरोधी कार्यों में इस की संलिप्ता पायी गयी है ईडी के सूत्र बताते हैं कि PFI की दिल्ली इकाई के प्रमुख मोहम्मद परवेज अहमद का AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कई अन्य राजनीतिक नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।

इस व्हॉट्सपप्प चाट से आप देख सकते हैं की किस तरह AAP और PFI के सम्बन्ध थे.

इसके अलावा, ईडी के सूत्रों ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) के दिल्ली प्रमुख परवेज़, संजय सिंह के साथ फोन कॉल, व्हाट्सएप चैट और यहां तक ​​कि व्यक्तिगत बैठकों के माध्यम से नियमित संपर्क में था। केवल संजय सिंह ही नहीं, दिल्ली पीएफआई प्रमुख ने भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदित राज के साथ करीबी संबंध थे । परवेज ने शाहीन बाग और दिल्ली के अन्य इलाकों में विरोधी सीएए विरोध प्रदर्शनों में भी सक्रिय रूप से भाग लिया था और हिंसा फैलाई थी ।

इस बीच, संजय सिंह ने स्पष्ट रूप से दिल्ली पीएफआई प्रमुख के साथ संबंध पर चुप्पी साध ली है लेकिन भाजपा पर AAP नेताओं के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है।

संजय सिंह ने कहा की ” दिल्ली में मतदान के लिए सिर्फ तीन दिन बचे हैं, बहुत कुछ हमारे खिलाफ आएगा। संजय सिंह ने दिल्ली पीएफआई प्रमुख के साथ अपने कथित संबंधों पर कहा कि हम ऐसी सभी चीजों और साजिशों का सामना करने के लिए तैयार हैं।

आप को बता दें की मनीष सिसोदिया ने भी पहले एक ट्वीट कर के पुलिस वालों पर जामिया में बस जलाने का झुठा आरोप लगाया था और पोल खोलने पर भी माफ़ी नहीं मांगी थी । मनीष सिसोदिया का यह ट्वीट जामिया हिंसा की आग में घी का काम किया था। देश के मुख्य समाचार पत्रिकाओं ने भी इस फेक न्यूज़ को प्रमुखता से छापा था

इस के अलावा भी आम आदमी पार्टी के नेता भी इन प्रदर्शनों में देशद्रोही शरजील के साथ देखे गए हैं । मनीष सिसोदिया भी बार बार शाहीन बाग़ के प्रदर्शनों पर अपना समर्थन दे चुके हैं । इन प्रदर्शनों में छोटे छोटे बच्चों को भी मोदी और अमित शाह के बारे में अपशब्द सिखाया जाता है और सोशल मीडिया पर वायरल होता रहता है

क्या आम आदमी पार्टी ने कराया है शाहीन बाग़

गृह मंत्रालय के एक निर्देश के बाद, वित्तीय अपराध जांच एजेंसी, एंटी-सीएए आंदोलन के राजनीतिक लिंक की जांच कर रही है, जो पिछले दिसंबर में उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हिंसक हो गया था। ईडी पीएफआई संगठन से जुड़े खातों और उससे संबंधित संस्थाओं से कुछ संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रहा है।

” संशोधित नागरिकता विधेयक 4 दिसंबर को संसद में पेश हुआ और तब से पीएफआई से जुड़े खातों में करोड़ों की नकदी का लेन देन होने लगा था, ” ईडी की जांच में खुलासा हुआ है।

केंद्रीय एजेंसी, आतंक से संबंधित गतिविधियों में पीएफआई की संलिप्तता जांच कर रही है, एजेंसी ने पाया है कि PFI संगठन द्वारा बनाए गए 73 बैंक खातों के माध्यम से लगभग 120 करोड़ रुपये कई लाभार्थियों को हस्तांतरित किए गए थे। ईडी को संदेह है कि जिन लोगों ने पैसा जमा किया था, उन्हें एक बार में 50 हजार रुपये से कम जमा करने का निर्देश दिया गया था।

इस सप्ताह के शुरू में, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान राज्य भर में दंगों के प्रचार में उनकी कथित भागीदारी के लिए उत्तर प्रदेश में PFI के 108 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।

उत्तर प्रदेश गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा था, “पिछले 4 दिनों में 108 लोगों (PFI सदस्य) को गिरफ्तार किया गया है, ये 25 लोगों के अलावा हैं जिन्हें पहले गिरफ्तार किया गया था। कार्रवाई बहुत सख्ती से की जाती है। इस संगठन के बारे में अधिक जानकारी एकत्रित की जा रही है। हम उनके वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी जुटा रहे हैं। हम केंद्रीय एजेंसियों से भी मदद ले रहे हैं और हमारा सबसे महत्वपूर्ण कदम उनकी पहचान करना और उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करना है। निगरानी जारी रहेगी। हमारा मिशन उन लोगों के खिलाफ जारी रहेगा जो यहां देश विरोधी गतिविधियों का प्रदर्शन कर रहे हैं। ”

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