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RSS के पक्ष में बोले सिया नेता, कहा ‘जानवरों की तरह ज्यादा बच्चे पैदा करना देश के लिए नुकसानदेह’

चीन के बाद भारत दुनियां का दूसरा सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला देश हैं. 2017 में हुई जनगढ़ना के अनुसार भारत की आबादी 133.92 करोड़ हैं. देश में आज कई सारी समस्याएं हैं जैसे महंगाई, बेरोजगारी, प्रदुषण, आर्थिक मंदी, गरीबी और रहने की जगह ना मिलना इत्यादि. इन सभी समस्याओं का डायरेक्ट या इनडायरेक्ट संबंध देश की तेजी से बढ़ती जनसँख्या से हैं. यही वजह हैं कि इंडिया की बढ़ती पापुलेशन पर लगाम कसना बेहद जरूरी हैं. सरकार पिछले कई सालों से ‘हम दो हमारे दो’ के स्लोगन के साथ लोगो को समझाने की कोशिश कर रही हैं. हालाँकि कुछ लोग हैं कि इस सलाह को पॉजिटिव रूप में नहीं ले रहे हैं. ऐसे में कई लोगो का यही मानना हैं कि जनसँख्या नियंत्रण हेतु कुछ सख्त कानून लागू होना चाहिए.

इस संबंध में कुछ दिनों पूर्व ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने भी एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि भारत में ‘दो बच्चों का नियम’ लागू होना चाहिए. अब आश्चर्यजनक रूप से इसी कड़ी में शिया वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी भी इस मुद्दे पर आरएसएस के बयान का समर्थन करते हुए नजर आए. इस बारे में उन्होंने जिस तरह का बयान दिया और जो शब्दावली इस्तेमाल की उसे सुन कई लोग हैरान रह गए.


न्यूज़ एंजेंसी ANI के अनुसार यूपी वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी ने अपने बयान में कहा कि “कुछ लोगो का मानना हैं कि बच्चा पैदा करना एक नेचरल प्रक्रिया हैं और उसमे किसी को दखलंदाजी नहीं करना चाहिए. लेकिन जानवरों की तरह ज्यादा बच्चे पैदा करने से समाज और देश नुकसान होगा. देश के लिए यही अच्छा होगा कि जनसँख्या वृद्धि को रोकने के लिए कोई कानून लागू कर दिया जाए.

वसीम रिजवी के इस बयान के बाद कई लोग उनकी तारीफ़ कर रहे हैं तो कह रहे हैं कि उन्होंने देशहित में सही बात बोली और इसमें किसी समुदाय या राजनितिक मंशा को आड़े नहीं आने दिया. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कुछ दिनों पहले बोला था कि ‘दो बच्चे वाले नियम’ की योजना भले ही आरएसएस की हो लेकिन इस पर कोई भी फैसला लेने सरकार को ही आगे आना होगा. वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग देशभर में इस नियम को जल्द से जल्द लागू करने की मांग उठा रहे हैं.

कई जानकारों का अनुमान हैं कि जल्द ही भारत की बढ़ती आबादी पर लगाम नहीं कसी गई तो आने वाले समय में इसका नुकसान देश को ही उठाना पड़ेगा. बढ़ती आबादी को रोकने की कोशिश पिछले कई दशकों से हो रही हैं. लोगो को जागरूक करने के लिए कई विज्ञापान और होर्डिंग्स बनाए जाते हैं. कई सरकारी लाभों या नौकरी में दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालो को बंचित भी रखा जाता हैं. हालाँकि इन सबके बावजूद अभी भी कई लोग ऐसे हैं जिन्हें ये बात समझ नहीं आती हैं. इसलिए लोगो का मानना हैं कि इसे लेकर जब तक सख्त नियम नहीं बनाए जाते हैं तब तक इस पर कंट्रोल करना मुमकिन भी नहीं हैं.

वैसे आपको क्या लगता है सरकार को पापुलेशन कंट्रोल का नियम बनाना चाहिए?

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