राजनीति

जींस, टी-शर्ट पहनने वाली महिलाओं को समुद्र में फेंक दो: केरल के प्रीस्ट!

महिलाओ को लेकर बयानबाजी में सिर्फ नेता नहीं बल्कि धर्म गुरु भी इस मामले में पीछे नहीं है. अक्सर समाज के कुछ जरूरत से ज्यादा समझदार लोग महिलाओं के जींस पहनने पर सवाल उठाते हैं लेकिन दुख तब होता है जब इस तरह की ओछी बातें समाज के वो लोग करते हैं जिनके ऊपर धर्म और देश की नैतिक जिम्मेदारी होती है. बता दे की केरल के एक पादरी ने महिलाओं के खिलाफ हैरान करने वाला विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि जींस, टी-शर्ट, शर्ट पहनने वाली महिलाओं को अपनी बॉडी पर पत्थर बांधकर समुद्र में डूब मरना चाहिए क्योंकि ये सब पुरुषों के कपड़े हैं.

इस बात का खुलासा तब हुआ जब पादरी की ये बात एक वीडियो के जरिए लोगों के सामने आई. जैसमिन पीके नाम की लड़की ने फेसबुक पर इस पादरी का यह वीडियो शेयर किया है जिसमें वह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि इस तरह के कपड़े पहनने वाली लड़कियों और महिलाओं के शरीर से पत्थर बांधकर उन्हें समुद्र में फेंक देना चाहिए. पादरी ने कहा कि जब मैं किसी चर्च जाता हू्ं, अगर मैं अपने सामने कुछ महिलाओं को खड़ा देखता हूं तो लगता है कि चर्च से बाहर चला जांऊ.

पादरी ने कहा कि लड़कियां चर्च में आती हैं मोबाइल फोन उनके हाथ में होता है, बाल खूले रहते हैं. मुझे समझ नहीं आता है कि इन सब चीजों की चर्च में क्या जरुरत है. ये वीडियो Shalom TV से लिया गया है और 25 फरवरी को फेसबुक पर शेयर किया गया. इसके बाद ये वायरल हो गया. हालांकि असली वीडियो 12 महीने पहले यू-ट्यूब पर पोस्ट किया गया था. वीडियो में पादरी कह रहा है कि महिलाएं यह सब कुछ आकर्षण के लिए करती हैं, वह पवित्र जगहों पर भी जींस , टी-शर्ट, शर्ट, पहनकर आती हैं, जहां इन सारी चीजों का आवश्यकता ही नहीं है.

बाइबिल का दिया हवाला :

पादरी आगे कहते हैं कि क्या कैथोलिक चर्च आपको पुरुषों के कपड़े पहनने की अनुमति देता है? चर्च को जाने दो. क्या पवित्र बाइबिल आपको इसकी इजाजत देती है? मैं आपको बताना चाहूंगा कि बाइबिल क्या कहती है- मर्द को महिलाओं के कपड़े नहीं पहनने चाहिए और महिलाओं को पुरुषों के कपड़े नहीं पहनने चाहिए. अगर आप ऐसा करते हो तो आप भगवान का अपमान करते हो. अगर आप गॉड के खिलाफ जाते हो तो आपका दया क्यों चाहिए.

पहले भी हुआ था विवाद :

पिछले साल तिरुवनंतपुरम गर्वनेंट मेडिकल कॉलेज ने एमबीबीएस के स्टूडेंट्स के लिए भी कुछ ऐसा ही फरमान सुनाया गया था, जिसमें जींस, टीशर्ट और लैगिंग पहनने पर रोक लगाई गई थी. साथ ही कॉलेज कैंपस में सफेद ओवरकोट पहनना और हर वक्त अपना आई कार्ड डिस्प्ले करना भी अनिवार्य कर दिया था. इसे लेकर छात्रों ने विरोध किया था.

देखिये वीडियो-

അപ്പൊ പ്രലോഭിക്കുന്ന പെണ്ണുങ്ങളെ കല്ല് കെട്ടി കടലിൽ താഴ്ത്തണം.. മനസിലായല്ലോ~??വെറുതെ അല്ല പോപ് പറഞ്ഞത് ഇങ്ങനത്തെ വിശ്വസികളെക്കാളും നല്ലത് നിരീശ്വര വാദികൾ ആണ് എന്ന്☺

Posted by Jasmine PK on Saturday, February 25, 2017

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