अध्यात्म

सत्यनारायण कथा में इन 3 लोगो को कभी ना बुलाए, फायदे की जगह नुकसान हो जाएगा

घर में सुख, शान्ति और समृद्धि हमेशा बनाए रखने के लिए भगवान की पूजा पाठ हमेशा करते रहना चाहिए. इसके लिए लोग अलग लग भगवानों को मनाते हैं. कहते हैं यदि आप घर में भगवान का निवास चाहते हैं तो घर का शुद्ध, सकारात्मक और पवित्र होना बेहद जरूरी हैं. तभी आपके घर पैसा और सुख दोनों होगा. इस काम में घर के अंदर सत्यनारायण की कथा कराना बहुत लाभकारी होता हैं. विष्णु जी के नाम की सत्यनारायण कथा करने से घर में पॉजिटिव माहोल बनता हैं. एक सकारात्मक उर्जा पुरे घर में फ़ैल जाती हैं. इससे विष्णु भगवान सहित उनकी पत्नी लक्ष्मी जी का भी आगमन होता हैं. जहाँ एक तरफ विष्णुजी आपके भाग्य को उज्वल करने का कार्य करते हैं तो वहीं दूसरी ओर माँ लक्ष्मी आपके घर बरकत उर धन की आवक कभी रुकने नहीं देती हैं. कहते हैं घर में सुख और धन के लिए हर तीन चार महीने में एक बार सत्यनारायण कथा अवश्य करवा लेना चाहिए.

यदि आप सत्यनारायण कथा कर रहे हैं तो आपको कुछ विशेष बातों का ख्याल भी रखना होता हैं. मसलन घर में कथा सुनने आए मेहमानों को चाय नाश्ता जरूर कराए. कथा करने वाले पंडितजी को भोजन खिलाए और दक्षिणा स्वरूप पैसा भी दे. इसके साथ ही अपने घर की साफ़ सफाई कर ले. खासकर जिस कमरे में सत्यनारायण कथा होने जा रही हैं उसे गंगा जल से शुद्ध कर दे और झाड़ू पौछा भी अच्छे से लगा दे. इन सबके अलावा आप अपनी कथा में कुछ ख़ास लोगो को ना बुलाए. यदि आप उन्हें कथा में बुलाते हैं तो आपको फायदा होने की बजाए नुकसान भी हो सकता हैं.

नशेड़ी व्यक्ति को:

जब भी घर में सत्यनारायण की कथा कराए तो किसी नशेड़ी व्यक्ति को भूलकर भी ना बुलाए. खासकर वो व्यक्ति जो शराब के नशे में हो और सीधा कथा में आकर बैठ जाए. साथ ही सिगरेट बीड़ी पीने वालों को भी साफ़ समझा दे कि कथा के दौरान आपके घर में धुम्रपान ना करे. यदि ये चीजें सत्यनारायण कथा के दौरान होती हैं तो इसकी नेगेटिविटी से भगवान आपके घर नहीं पधारेंगे. इससे आपका फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता हैं.

मासिक धर्म वाली महिला को:

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार जब कोई महिला मासिक धर्म में होती हैं कि भगवान की पूजा पाठ नहीं करती हैं. ऐसे में यदि किसी महिला का मासिक महीना चल रहा हो तो उसे घर की सत्यनारायण कथा में ना बुलाए तो ही बेहतर होगा.

शान्ति भंग करने वाले व्यक्ति को:

पूजा पाठ की प्रक्रियाएं शान्ति पूर्ण तरीके से होनी चाहिए. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति एक जगह शांत नहीं बैठ सकता हैं, हमेशा झगड़ा करता हैं, चीखता चिल्लाता रहता हैं तो उसे इस कथा में ना बुलाए तो ही सही होगा. यदि कथा के दौरान उसने आदत से मजबूर होकर शान्ति भंग कर दी या कुछ गलत काम कर दिया तो आपकी कथा व्यर्थ हो जाएगी.

उम्मीद करते हैं कि आपको ये जानकारी पसंद आई होगी. इसे आप दूसरों के साथ भी शेयर करे ताकि वे भी अपने घर अच्छे से सत्यनारायण कथा करवा सके.

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