राजनीति

सावरकर के पोते ने उद्धव को दिलाई याद- अब राहुल गांधी की बीच सड़क पर पिटाई करें उद्धव ठाकरे

राहुल गांधी ने हाल ही में वीर सावरकर पर एक बयान दिया था जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया था और यह विवाद खत्म होने की बजाय दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है. जब से राहुल ने ये बयान दिया है तब से शिवसेना और महाराष्ट्र कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ गयी है. वहीं, रंजीत सावरकर जो कि वीर सावरकर के पोते हैं, उन्होंने कहा कि राहुल के इस बयान के लिए उद्धव ठाकरे को राहुल गांधी को सबके सामने पीटना चाहिए.

उन्होंने कहा कि, “यह अच्छा है कि राहुल गांधी, राहुल सावरकर नहीं हैं. ऐसा होता तो हम सबको अपना मुंह छिपाना पड़ता. अब हम उम्मीद करते हैं कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपना वादा निभाएंगे. वे कई बार कह चुके हैं कि यदि किसी ने सावरकर का अपमान किया तो वे उसे सार्वजनिक रूप से पीटेंगे. मैं उम्मीद करता हूं कि शिवसेना ने सावरकर पर अपना स्टैंड नहीं बदला होगा”.

राहुल के बयान से नाराज शिवसेना प्रमुख और ठाकरे

ख़बरों की मानें तो राहुल के इस बयान ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को बहुत नाराज़ कर दिया है. अब वह इस मामले पर कांग्रेस आलाकमान से बात करने की सोच रहे हैं. उद्धव ने कहा कि उन बयानों से बचना चाहिए जो गठबंधन के लिए गलत साबित हो सकते हैं. हाल ही में शिवसेना के सांसद ने वीर सावरकर को देश का आदर्श बताया था.

उन्होंने कहा था कि, “इस पर कोई समझौता नहीं होगा”. उन्होंने दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की कविता से वीर सावरकर की तारीफ में कही गयी कुछ पक्तियों का हवाला देते हुए एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि, “सावरकर माने तेज, सावरकर माने त्याग, सावरकर माने तप, सावरकर माने तत्व”.

संजय राउत का बयान

वहीं, संजय राउत ने कहा, “वीर सावरकर को लेकर राहुल गांधी ने जो कुछ भी कहा, वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं से अपील करता हूं कि वो वीर सावरकर के साहित्य को राहुल गांधी को भेजें. महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं को दिल्ली जाकर राहुल गांधी को सावरकर की किताबें गिफ्ट करनी चाहिए, ताकि वो सावरकर को समझ सकें और उनकी गलतफहमी दूर हो सके. कांग्रेस नेताओं को राहुल गांधी को यह भी बताना चाहिए कि वीर सावरकर ने अंग्रेजों के खिलाफ किस तरह संघर्ष किया था और लड़ाई लड़ी थी”.

इससे पहले भी संजय राउत राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दे चुके हैं. उन्होंने कहा था कि, “हिंदुत्व विचारक के प्रति श्रद्धा को लेकर कोई “समझौता” नहीं किया जा सकता”. इसी से संबंधित उन्होंने एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि, “वीर सावरकर न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश के लिए आदर्श हैं. सावरकर का नाम राष्ट्र और स्वयं के बारे में गौरव को दर्शाता है. नेहरू और गांधी की तरह सावरकर ने भी देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया. ऐसे प्रत्येक आदर्श को पूजनीय मानना चाहिए. इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता”.

ये है विवाद

बता दें, बीते शनिवार को राहुल गांधी ने रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के दौरान वीर सावरकर पर टिप्पणी की थी. राहुल ने ‘रेप इन इंडिया’ वाली टिप्पणी के लिए भाजपा द्वारा मांगी गयी माफी पर निशाना साधते हुए कहा था कि, “संसद में शुक्रवार को भाजपा के लोगों ने कहा कि मैं अपने भाषण के लिए माफी मांगू. मुझे कहते हैं कि सही बात बोलने के लिए माफी मांगो. मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं है, मेरा नाम राहुल गांधी है. मैं सच्चाई के लिए कभी माफी नहीं मांगूंगा. मर जाऊंगा मगर माफी नहीं मांगूंगा और न कोई कांफ्रेंस वाला माफी मांगेगा”.

अपने इस बयान के बाद से ही राहुल गांधी शिवसेना और भाजपा के निशाने पर आ गए हैं. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि राहुल गांधी का ये बयान बेतुका और शर्मनाक है.

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