रेलवे देने जा रहा है लोवर क्लास को ये बड़ा तोहफा, जनरल डिब्बों में भी मिल सकेगी रिजर्व सीट!

भारतीय रेलवे को दुनिया के बड़े ट्रेन नेटवर्क में एक माना जाता है क्योंकि यहां का नेटवर्क काफी बड़ा है। अब तब आपने एसी या स्लीपर की बुकिंग के बारे में सुना होगा लेकिन जनरल डिब्बे में सिर्फ टिकट लेकर बैठना होता था और फिर सीट मिले ना मिले ये मौके के ऊपर निर्भर करता था। ऊपर से अनावश्यक भीड़ से लोवर क्लास के लोगों को परेशानी होती थी। मगर अब रेलवे देने जा रहा है लोवर क्लास को ये बड़ा तोहफा, जानिए किस तरह आप बुकिंग करा सकते हैं?

रेलवे देने जा रहा है लोवर क्लास को ये बड़ा तोहफा

भारतीय रेलवे ने मुसाफिरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे अब जनरल डिब्बे में भी यात्रा करने वाले यात्रियों को कंफर्म टिकट देने वाला है। रेलवे की इस नई शुरुआत के अंतर्गत आपकी सीट का नंबर आपके फोटो के साथ आपके व्हाट्सएप पर आएगा और इससे प्लेटफॉर्म पर लंबी लाइनों के झंझट से भी बचा जा सकता है। इसके साथ ही सीट को लेकर गड़बड़ी की आशंका भी खत्म हो जाएगी। इस योजना की शुरुआत पूर्व-मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पूरब यानी पास फॉर अनरिजवर्ड बोर्ड नाम की ऐसी योजना शुरु की है और वहीं रेलवे अब इसे पूरे देश में लागू करने पर काम किया जा रहा है। इस योजना के तहत जनरल डिब्बों में अनारक्षित सीटों पर भी आपको कंफर्म सीट मिल जाएगी और अनारक्षित टिकट देते समय यात्रियों को बोर्डिंग पास भी दिया जाएगा।

इस टिकट को लेकर जब आप ट्रेन के लिए रेलवे काउंटर से टिकट लेंगे तो इसके साथ ही आपको एक पूरब का काउंटर बनाया गया है जहां पर पहचान पत्र दिखाकर आपकी फोटो खींची जाएगी। इसके बाद आपके व्हाट्सएप नंबर पर टिकट डिटेल आपको भेज दी जाएगी और उसमें आपकी फोटो लगी होगी। ये डिजिटल इंडिया की ऐसी पहल है जिसमें हर बजट वाले को ध्यान में रखा गया है। अब जनरल डिब्बों में सफर करने वालों को हीन नजर से नहीं देखा जाएगा उनका अपना एक औधा होगा जब वे शान के साथ सीट पर बैठकर अपने वांछित मंजिल पर पहुंचेंगे। रेलवे ने ऐसी पहल कुछ इस तरह से की है जिससे हर किसी को आरामदायक सफर करने का मजा मिल सकेगा। नहीं तो जनरल डिब्बों में टिकट का पैसा तो लगता ही है मगर बहुत से लोगों को बैठने को भी नहीं मिलता और फिर लंबा सफर उनके लिए बहुत कष्टदायक हो जाता है। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की इसी परेशानी को समझकर आगे की इस योजना को बनाया है।