महाराष्ट्र की सियासी जंग का सबसे बड़ा उलटफेर, शिवसेना का सपना टूटा, फडणवीस दोबारा बने CM

आज शनिवार सुबह पुरे देश ने महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर देखा हैं. आखिरकार बीजेपी ने आखरी डाव खेलते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर महारष्ट्र में अपनी सरकार बना ली हैं. आज सुबह ही देवेंद्र फडणवीस ने महारष्ट्र के दोबारा मुख्यमंत्री बनने की शपथ ली हैं. ये शपथ उन्हें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने दिलवाई हैं. इसके साथ ही एनसीपी नेता शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री बनने की शपथ ग्रहण की हैं.

इसके पहले तक यही कयास लगे जा रहे थे कि बीजेपी से गठबंधन तोड़ने वाली शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में अपनी सरकार बनाएगी. यहाँ तक कि उद्धव ठाकरे, शरद पवार और सोनिया गांधी की इस बात को लेकर कई बैठक भी हुई थी. हालाँकि अंतिम समय पर बीजेपी ने ऐसा पासा फेंका कि बाकी सभी पार्टियाँ देखते ही रह गई. उधर सोशल मीडिया पर भी इस राजनितिक उलटफेर को लेकर बहुत ही दिलचस्प रिएक्शन आ रहे हैं.

उधर शपथ ग्रहण करने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य को एक स्थिर सरकार की आवश्यकता थी. शिवसेना ने जनादेश को नकार हमारे साथ गठबंधन बना सरकार नहीं बनाई. हालाँकि जनता को एक स्थिर सरकार चाहिए थी ऐसे में ये सही फैसला लेने के लिए अजित पवार को धन्यवाद.

वहीं दूसरी ओर अजित पवार का कहना हैं कि हमारा मुख्य फोकस महाराष्ट्र के किसानो पर हैं. हम उनकी समस्याएं सुलझाने के लिए कुछ काम करना चाहते हैं. इसलिए हमने भाजपा के साथ मिल स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर सभी लोगो के बधाई संदेश भी आना शुरू हो गए. इसमें हमारे देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बनने की बधाई दी. उन्होंने ये भी कहा कि मुझे यकीन हैं कि ये दोनों ही  महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए मेहनत के साथ काम करेंगे.

जैसा कि आप सभी जानते हैं 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में शिवसेना और भाजपा ने साथ में गठबंधन बनाते हुए चुनाव लड़ा था. हालाँकि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे खुद सीएम बनना चाहते थे जिस वजह से वे भाजपा के साथ सरकार बनाने में सहमती नहीं दिखा पाए थे. इसके बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस संग सरकार बनाने का प्रयास किया था लेकिन अंतिम समय पर भाजपा ने बाजी मार ली और उद्धव ठाकरे का मुख्यमंत्री बनने का सपना टूट गया.