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गांधी परिवार से ली जा रही है SPG सुरक्षा, क्या होती है X, Y, Z और Z+ सुरक्षा?

देशभर में जितने भी बड़ी पदवी पर लोग होते हैं वे सभी सरकार द्वारा एक सुरक्षा प्राप्त करते हैं। इस सुरक्षा के लिए सरकार को काफी खर्च करना पड़ता है। भारत में जितने भी नेता है उन्हें कोई ना कोई सुरक्षा जरूर प्रदान की गई है जिसपर सरकार का काफी खर्च होता है। मगर अब एक खबर आ रही है कि गांधी परिवार से ली जा रही है SPG सुरक्षा, अब इन्हें Z+ सिक्योरिटी दी जाएगी। क्या आप जानते हैं ये सभी सिक्योरिटी क्या होती है?

गांधी परिवार से ली जा रही है SPG सुरक्षा

केंद्र सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की एसपीजी यानी स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स सुरक्षा हटाने का फैसला लिया गया है। इन तीनों की एसपीजी सुरक्षा को चरणों में हटाया जाएगा और जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय की सुरक्षा समीक्षा कमेटी की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। अब सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास ही एसपीजी सुरक्षा रह सकेगी। कमेटी की सिफारिश के अनुसार अब गांधी परिवार सदस्य को एसपीजी के बजाए सीआरपीएफ की जेड प्लस सुरक्षा दी जाएगी। भारत में सुरक्षा की श्रेणी खतरे के स्तर के साथ एक स्टेटस सिंबल होता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की सिफारिश पर हर साल खास लोगों की सुरक्षा की समीक्षा करता है। खतरे के स्तर को देखते हुए विशिष्ट और अति विशिष्ट लोगों को अलग-अलग स्तर की सुरक्षा प्रदान की गई है। चलिए बताते हैं ये सभी सुरक्षा क्या होती है..

एसपीजी सुरक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गांधी परिवार को एसपीजी की सुरक्षा प्राप्त थी लेकिन गांधी परिवार की एसपीजी की सुरक्षा अब हटाई जाएगी। ये सुरक्षा का सबसे ऊंचा स्तर होता है और इसमें तैनात कमांडो के पास अत्याधुनिक हथियार और संचार उपकरण होते हैं। पहले ये सुरक्षा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी मिली लेकिन आईबी रिपोर्ट की समीक्षा के बाद खतरे के कम स्तर को देखते हुए सुरक्षा वापस ली गई थी।

जेड प्लस की सुरक्षा

खास प्रोटेक्शन ग्रुप की सुरक्षा के बाद जेड प्लस भारत की सबसे ऊंचे स्तर की श्रेणी है। इमें संबंधित विशिष्ट व्यक्ति की सुरक्षा में 36 जवान लगे होते हैं। इसमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो और राज्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। जेड प्लस सुरक्षा में हर कमांडो मार्शल आर्ट और निहत्थे युद्ध करने की कला में एक्सपर्ट होते हैं। सुरक्षा में लगे एनएसजी कमांडो के पास एमपी 5 मशीनगन के साथ आधुनिक संचार उपकरण भी पाए जाते हैं और इसके अलावा इनके काफिले में एक जैमर गाड़ी भी नजर आती है जो मोबाइल सिग्नल जाम करने का काम करती है। देश में कुछ खास लोगों को ही जेड प्लस की सुरक्षा प्राप्त है।

जेड कैटेगरी की सुरक्षा

जेड श्रेणी की सुरक्षा में चार से पांच एनएसजी कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षागार्ड तैनात रहते हैं और इसमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो और स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं।

वाई कैटेगरी की सुरक्षा

ये सुरक्षा का तीसरा स्तर माना जाता है और जिन्हें कम खतरा होता है उन्हें ये सुरक्षा दी जाती है। इसमें कुल 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं और इसमें दो पीएसओ (निजी सुरक्षागार्ड) भी होते हैं। इस श्रेणी में कोई कमांडो नहीं तैनात रहता है और देश में सबसे ज्यादा लोगों को वाई श्रेणी की सुरक्ष दी गई है।

एक्स कैटेगरी की सुरक्षा

इस कैटेगरी में दो सुरक्षा गार्ड तैनात होते हैं और इसमें एक पीएसओ (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) होता है और एक्स श्रेणी की सुरक्षा देश में काफी लोगों को प्राप्त होती है। कुछ महीने पहले गृह मंत्रालय ने सुरक्षा समीक्षा के आधार पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार के सारण से भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी की सुरक्षा हटा ली गई थी। वहीं बिहार के जमुई से लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद चिराग पासवान की सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ जवानों को वापस बुलाया गया था और चिराग की सुरक्षा श्रेणी में कटौती करते हुए अब उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी।

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