नई दिल्ली – भारत जोकि आबादी के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा देश है, यहां कि लगभग सभी समस्याओं के मूल में आबादी ही सबसे बड़ी समस्या है। देश में हिन्दु आबादी हो या मुस्लिम आबादी नेता और धार्मिक संगठन आये दिन हिन्दु या मुस्लिम आबादी को लेकर कुछ न कुछ बोलते रहते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे देश की आबादी का कितना प्रतिशत शरणार्थियों और घुसपैठियों के रुप में है। नहीं न? आपको जानकर हैरानी होगी की भारत अपनी आंतरिक आबादी के भार को तो झेल ही रहा साथ ही साथ घुसपैठियों और शरणार्थियों की आबादी भारत के विकास पर अतिरिक्त दबाव डाल रही है। Govt act for population control.

बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण मुस्लिम आबादी में हुई वृद्दि –

Govt act for population control

हम बात कर रहे हैं असम कि, जहां के कई जिलों में पिछले कुछ दशकों में बंग्लादेशी की घुसपैठियों के कारण मुस्लिम आबादी 80% से ज्यादा हो पहुंच चुकी है। ऐसे तथ्य सामने आए हैं कि असम में जब कांग्रेस और वामपंथियों की सरकार थी यहां बंगलादेशी घुसपैठियों को वोट बैंक के लालच में फर्ज़ी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय नागरिकता दी की गई। कांग्रेस के शासनकाल में असम में बंग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से मुस्लिम आबादी 35% तक पहुंच गई थी। क्योंकि बांग्लादेशी घुसपैठिये कांग्रेस के लिए हमेशा से एक मजबूत वोटबैंक रहे हैं, जिसका असम के कई नेताओं ने किया है। आपको बता दें कि असम के कई जिलों में इनकी आबादी 80% तक हो गई है।
मोदी सरकार का एक और ऐतिहासिक कदम –

 

Govt act for population control

पिछले कुछ दशकों बंग्लादेशी असम के मूल निवासियों पर पूरी तरह से हावी हो गए हैं और उनका उत्तपिड़न कर रहे हैं। राजनितिक विशेषज्ञों का मानना है आने वाले समय में असम के किसकी सरकार होगी इसका फैसला बांग्लादेशी घुसपैठियें तय करेंगे। लेकिन, सूत्रों के मुताबिक असम को दूसरा कश्मीर बनने से रोकने के लिए और असम के मूल निवासियों के भविष्य के लिए ही मोदी सरकार असम सरकार से मिलकर एक ऐसा विधेयक लाने की योजना बना रही है जिससे 2 बच्चों से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। अगर मोदी सरकार की यह योजना कामयाब रहती है तो आने वाले भविष्य में असम दूसरा कश्मीर बनने से बच सकता है।

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