अध्यात्म

शास्त्रों के अनुसार ये 7 संस्कारी काम करने से खुलता है बंद किस्मत का दरवाज़ा

हमारे शास्त्रों में ऐसे सात कामों का जिक्र किया गया है जिन्हें हर व्यक्ति को रोज करना चाहिए। जो लोग ये सात काम करते हैं उनका जीवन सदा सुखों से भरा रहता है और वो एक अच्छी जिंदगी व्यतीत करते हैं। इसलिए अगर आप इन सात कामों को नहीं करते हैं तो आज से ही इन्हें अपने दैनिक दिनचर्या में शामिल कर लें।

ये 7 कार्य हर किसी को जरूर करने चाहें

सूर्योदय से पूर्व उठना

शास्त्रों में कहा गया है कि जिंदगी में केवल वो ही व्यक्ति कामयाब होते हैं जो कि रोज प्रात: सूर्योदय से पूर्व उठते हैं। इसलिए अगर आप सूर्योदय से पहले नहीं उठते हैं तो ये आदत छोड़ दें और रोज सुबह सूर्योदय से पूर्व उठा करें।

रोज स्नान करना

हर इंसान को रोजाना स्नान करना चाहिए और हो सके तो ये स्नान सूर्योदय से पूर्व कर लेना चाहिए। सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है इसलिए अगर आप रोज स्नान नहीं करते हैं या देर से स्नान करते हैं तो ऐसा करने बंद कर दें और सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करने की आदत डाल लें।

रोज पूजा करना

शास्त्रों में पूजा का विशेष महत्व बताया गया है और कहा गया है कि इंसान को रोजाना पूजा जरूर करनी चाहिए। रोज दो बार भगवान का नाम लेने से भगवान सारे दुखों को दूर कर देते हैं और इंसान की आत्मा शुद्ध महसूस करती है। इतना ही नहीं जो लोग रोज पूजा करते हैं वो लोग भगवान से जुड़े रहते हैं। इसलिए अगर आप भगवान की पूजा नहीं करते हैं तो ये आदत बदले लें और रोज भगवान का नाम लेना शुरू कर दें।

समय पर खाना खाना

हमारे शरीर के लिए भोजन बेहद ही जरूरी होता है और भोजन के बिना हमारा शरीर ज्यादा समय तक जीवित नहीं रहे सकता है। दिन में तीन बार भोजन जरूर करना चाहिए और हमेशा भोजन सही समय पर ही करना चाहिए। सुबह का भोजन नौ बजे तक करना उत्तम माना जाता है। दोपहर का भोजन 2 बजे करना सही माना गया है और रात का भोजन 7 बजे कर लेना चाहिए। अगर आप समय पर भोजन नहीं करते हैं तो ऐसा अब से ना करें।

अतिथि की सेवा

अतिथि को भगवान का रूप माना गया है और अतिथि की सेवा करने से पुण्य मिलता है। अगर आपके घर में कभी भी मेहमान आएं तो आप उनकी सेवा अच्छा मन से करें और उनको सही से भोजन करवाएं।

दान करना

शास्त्रों में कहा गया है कि वस्तुओं का दान करने से पापों से मुक्ति मिल जाती है। इसलिए हर मनुष्य को समय-समय पर चीजों का दान जरूर करना चाहिए। गरीब लोगों को दान करना और उन्हें भोजन करवाना पुण्य का काम होता है।

बड़ों की इज्जत करना

बड़े लोगों की सदा ही इज्जत करनी चाहिए और उनसे हमेशा मीठे स्वर में ही बात करनी चाहिए। जो लोग बड़े लोगों की इज्जत नहीं करते हैं और उनका अपमान करते हैं वो लोग पाप के भागीदारी बनते हैं। इसलिए आप भूलकर भी अपने से बड़े लोगों का अपमान ना करें और जितनी हो सके उतनी उनकी सेवा करें।

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