चेन्नई – तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की ‘डेथ मिस्ट्री’ अंत में सुलझ गई है। जिसका खुलासा किया है उनका इलाज करने वाले डॉक्टर रिचर्ड बेल ने। रिचर्ड ने कहा कि जयललिता की मौत ऑर्गन फेलिअर की वजह से हुई थी। आपको बता दें कि तमिलनाडु में जयललिता के मौत को लेकर कई तरह की अफवाह और कयास लगाए जा रहे थे। मौत के दो महीने बाद ब्रिटिश डॉक्टर रिचर्ड बेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जयललिता की मौत की वजह को साफ किया है। डॉक्टर बेल अपोलो में जयललिता का इलाज कर रही टीम के संपर्क में थे। Doctors on Jayalalithaa death.

इंफेक्शन के बाद अंगों ने कर दिया था काम करना बंद –

रिचर्ड ने बताया कि जयललिता की मौत गंभीर इंफेक्शन के कारण हुई थी। इंफेक्शन कि वजह से ही उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। डॉक्टर रिचर्ड ने कहा कि जयललित का इलाज दुनिया के सबसे बेस्ट तकनीक और तरीके से किया गया लेकिन उनकी डायबिटिज के चलते इलाज के दौरान काफी दिक्कतें आ रही थी। डॉ. रिचर्ड ने बताया कि जयललिता को अस्पताल में लाया गया था तो उनको सांस लेने में दिक्कत थी। शुरुआत में इंफेक्शन के बाद उनकी हालत में सुधार हो रहा था और वह इशारों में बात कर रही थीं।

दो महीने पहले ऐसे हुआ था निधन –

बीमारी के कारण जयललिता का 6 दिसंबर को 68 साल की उम्र में का निधन हो गया। जयललिता को सांस लेने में दिक्कत के कारण 22 सितंबर 2016 को चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था जहां उन्होंने आखिरी सांस ली थी। डॉ. ने बताया कि अपोलो अस्पताल में ही जयललिता को माइनर हार्ट अटैक आया था जिसके कारण उन्हें पेसमेकर लगाना पड़ा था। 4 दिसंबर की शाम को उन्हें एक बार फिर कार्डिएक अटैक हुआ। इसके बाद से उनकी हालत काफी नाजुक हो गई थी। आखिरकार 6 दिसंबर को देर रात जयललिता की मौत हो गई।

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