गणेशजी विसर्जन विधि: बप्पा को विसर्जित करने के पहले जरूर करे ये 7 काम, सालभर रहेगी कृपा

इन दिनों पुरे देश में गणेश उत्सव की धूम हैं. हर कोई गणपति बप्पा को प्रसन्न करने में लगा हुआ हैं. गौरतलब हैं कि गणेश चतुर्थी 2 सितंबर के दिन थी. इस दिन भक्तों ने अपने घर, ऑफिस और मोहल्लों में गणेशजी विराजित किए थे. आमतौर पर गणेशजी की दस दिन तक पूजा होती हैं और फिर इन्हें सम्मानपूर्वक विदा करते हुए विसर्जित कर दिया जाता हैं. हालाँकि देश के अलग अलग हिस्सों में गणेशजी को तीसरे, चौथे और सातवें दिन भी विसर्जित करने का नियम हैं. दसवा दिन 12 सितंबर को पड़ रहा हैं. ऐसे में यदि आप भी गणेशजी को विसर्जित करने वाले हैं तो आपको कुछ नियम और विधि का ज्ञान होना जरूरी हैं. यदि आप एक सटीक प्रक्रिया से गणेश विसर्जन करते हैं तो आपको पुरे सालभर बप्पा आ आशीर्वाद मिलता रहेगा.

गणेश विसर्जन विधि

1. सर्वप्रथम लकड़ी का एक पाटिया ले. इसे आप पानी में गंगाजल मिलाकर अच्छे से साफ़ कर ले. इस तरह पटिए की गंदगी के साथ नेगेटिव उर्जा भी समाप्त हो जाएगी. अब सौभाग्य के लिए घर की महिला इस पटिए के ऊपर स्वास्तिक का चिहन बनाए.

2. इस पटिए के ऊपर चावल रखे और उसके ऊपर पीला, गुलाब या फिर लाल रंग का कपड़ा बिछा दे. इसके पश्चात गणेशजी को सावधानी पूर्वक पूजा के स्थान से उठाकर इस पटिए पर विराजित करे.

3. अब इस पटिए के ऊपर फल, फूल एवं मोदक इत्यादि रखे.

4. याद रहे गणेशजी को विदा करने के पूर्व आपको अंतिम बार उनकी आरती अवश्य करनी हैं. आरती के बाद भोग भी लगाए तथा उन्हें वस्त्र पहनाए.

5. अब एक रेशमी कपड़े के अंदर मोदक, पैसा, दूर्वा घास एवं सुपारी बाँधकर एक पोटली बना ले. इस पोटली को आप गणपति भगवान के साथ ही बाँध देवे.

6. अब हाथ जोड़ गणेश जी से कोई प्रार्थना करे और साथ ही भूल चुक माफ़ करने की विनती करे. इसके बाद गणपति बप्पा मोर्य के नारे भी लगाए.

7. अंत में पूर्ण सम्मान और श्रृद्धा की भावना के साथ गणेशजी का पानी में विसर्जन करे.

गणेश विसर्जन मुहूर्त

गणेश विसर्जन के पूर्व आपको कौन सी प्रक्रिया फॉलो करनी हैं ये तो आप जान ही गए हैं. हालाँकि गणेशजी के विसर्जन का समय भी सही होना चाहिए. हम जब भी कोई शुभ या धार्मिक काम करते हैं तो शुभ मुहूर्त अवश्य देखते हैं. गणपति विसर्जन में भी ऐसा करना होता हैं. 12 सितंबर 2019 को गणेश विसर्जन के लिए ये मुहूर्त उत्तम रहेंगे. वैसे आप 13 सितंबर को भी विसर्जित कर सकते हैं. दरअसल इस बार चतुर्दशी तिथि 12 सितंबर को सुबह 5:06 से शुरू होगी और 13 सितंबर को सुबह 7:35 पर समाप्त हो जाएगी. अतः आप इन निम्न समयों पर गणेश विसर्जन कर सकते हैं.

सुबह – प्रातः 06:16 से प्रातः 07:48 तक
दूसरा मुहूर्त – प्रातः 10:51 से प्रातः 03:27 तक
दोपहर मुहूर्त – शाम 04:59 से शाम 06:30 तक
शाम मुहूर्त (अमृता, चर) – प्रातः 06:30 अपराह्न से 09:27 बजे
रात्रि मुहूर्त (लब) – 12:23 AM से 01:52 AM, 13 सितंबर

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