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ऑर्बिटर ने खींची लैंडर विक्रम की तस्वीर, लैंडर से संपर्क करने की कोशिशें अभी भी जारी

चंद्रमा पर विक्रम लैंडर किस जगह पर लैंड हुआ है इसका पता भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) ने लगा लिया है। रविवार को मीडिया से बात करते हुए  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र के चेयरमैन डॉ. के सिवन ने बताया कि चंद्रमा पर विक्रम लैंडर कहां पर लैंड हुआ है ये पता लग गया है। चेयरमैन डॉ. के सिवन के अनुसार ऑर्बिटर की मदद से विक्रम लैंडर के बारे में पता लगाया गया है और ऑर्बिटर द्वारा खींची गई तस्वीर में लैंडर नजर आ रहा है। अगले 14 दिन हम लैंडर से दोबारा संपर्क साधने की कोशिश करेंगे।

संपर्क करने की कोशिश जारी

मीडिया से बात करते हुए डॉ. के सिवन ने बताया कि इसरो अभी भी विक्रम से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है और उम्मीद की जा रही है कि संपर्क फिर से स्थापित हो सके। डॉ. के सिवन के अनुसार चंद्रयान-2  मिशन 99 प्रतिशत सफल रहा है। हालांकि अगर हम विशेषज्ञों की माने तो लैंडर से दोबारा से संपर्क स्थापित करना बेहद ही मुश्किल है और ऐसा होने की गुंजाइश बेहद ही कम है।

गौरतलब है कि चंद्रयान-2  मिशन इसरो के सबसे बड़े मिशनों में से एक था। इस मिशन के जरिए चांद की सतह पर लैंडर और रोवर को भेजा जाना था। इसरो ने इस मिशन के सभी चरणों को सफलता के साथ पूरा किया था। लेकिन 7 सितंबर को जब लैंडर को चांद की सतह पर उतारा जा रहा था, तब इसरो का संपर्क लैंडर से टूट गया था। जिसके बाद लैंडर के बारे में कुछ भी जानकारी इसरो को नहीं मिल पा रही थी। वहीं चांद के चक्कर काट रहे ऑर्बिटर ने लैंडर की थर्मल इमेज ली है और इस इमेज से इसरो को ये पता लग सका है कि लैंडर विक्रम ने किस जगह पर लैंड किया है। आपको बता दें कि लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड किया जाना था लेकिन चांद के दक्षिणी ध्रुव की सतह से 2.1 किमी की दूरी पर ही लैंडर का संपर्क धरती से टूट गया था।

दुनिया के तीन देश ही हुए हैं कामयाब

 

चांद की सतह पर पहुंच पाने में अभी तक दुनिया के केवल तीन देश ही कामयाब हुए हैं। जो कि रूस , अमेरिका और चीन है। सबसे पहले चांद की सतह पर जाने में रूस को सफलता मिली थी और रूस ने 4 जनवरी 1959 में चांद पर अपना लैंडर उतारा था। वहीं अगर विक्रम लैंडर का संपर्क नहीं टूटता तो भारत चंद्रमा मिशन को कामयाब करने वाला चौथा देश बन जाता।

दुनिया भर ने की इसरो की तारीफ

चंद्रयान-2 को लेकर इसरो की तारीफ दुनिया भर में की जा रही है और दुनिया के बड़े अखबारों ने चंद्रयान-2 मिशन को लेकर कहा है कि ये मिशन भारत के लिए बेहद ही खास था और इस मिशन को काफी हद तक पूरा करने में इसरो कामयाब हुआ है। वहीं नासा ने भी इसरो की तारीफ करते हुए कहा है कि इस तरह का मिशन सफल बनाना मुश्किल होता है और ये मिशन भारत के लिए बहुत बड़ा मिशन रहा है।

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