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काले धन वालों पर सरकार की एक और मार, ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के जरिये निकाले गए 18 लाख नाम!

काला धन रखने वालों के लिए मुसीबतें कम होती नजर ही नहीं आ रही हैं। इस समय केंद्र सरकार का पूरा ध्यान काला धन रखने वालों पर लगा हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कालेधन पर नकेल कसने के लिए अब स्वच्छ धन अभियान की घोषणा की गयी है। इसी अभियान के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक सॉफ्टवेयर मदद से ऐसे 18 लाख लोगों के नाम निकाले हैं, जिनकी आमदनी और उनके खातों में जमा रकम एक दुसरे से मेल नहीं खा रही है। इन सभी लोगों को 10 दिन का वक़्त दिया गया है। तय समय सीमा के अन्दर इन लोगों को आयकर विभाग के समक्ष सफाई देनी होगी।

काला धन पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन सॉफ्टवेयर:

सरकार ने काला धन पर लगाम लगाने के लिए नोटबंदी जैसी क्रांतिकारी घोषणा के बाद ऑनलाइन वेरिफिकेशन सॉफ्टवेयर बनाया है। इस सॉफ्टवेयर का नाम स्वच्छ धन अभियान रखा गया है। आपको बता दें इस सॉफ्टवेयर का निर्माण सीबीडीटी ने करवाया है। सॉफ्टवेयर बनने के तुरंत बाद ही ऐसे 18 लाख लोगों के नाम निकाले गए हैं, जिनके खातों में मिलने वाली रकम में भारी गड़बड़ पाई गई है। आपको जानकर काफी हैरानी होगी कि इनकी प्रोफाइल के हिसाब से आय और खाते में जमा की गयी रकम में बहुत ज्यादा अंतर देखने को मिला है।

जवाब देने के लिए 10 दिन का वक़्त:

राजस्व सचिव हंसमुख अढ़िया ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि नोटबंदी के बाद जमा होने वाले पैसे का ई-वेरिफिकेशन करने के लिए स्पेशल प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से जिन 18 लाख लोगों के खातों में गड़बड़ी पाई है, उन लोगों को 10 दिन का वक़्त दिया गया है। उन लोगों को स्वच्छ धन अभियान में अपने धन से जुड़े हुए जवाब देने होंगे। जवाब देने वालों के लिए विशेष सुविधा भी दी गयी है, वह अपना जवाब ऑनलाइन भी दे सकते हैं। हंसमुख ने बताया कि जो लोग अपना जवाब 10 दिन के भीतर नहीं दे पायेंगे, उन्हें आयकर विभाग द्वारा नोटिस भेजी जाएगी।

सरकार ने पहले ही चेताया था ऐसे लोगों को:

आपको बता दें सरकार ने नोटबंदी के बाद ही यह कहा था कि देशभर के सभी बैंक खातों पर सरकार और आयकर विभाग की नजर है। इसके बावजूद भी कुछ लोग अपने बैंक खातों में आय से अधिक धन जमा करने से बाज नहीं आये। सरकार ने उसी समय कहा था कि आय से अधिक धन जमा होने पर बैंक खातों की जाँच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के ऊपर उचित कार्यवाई भी की जाएगी।

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