कश्मीरी बहू वाले बयान पर राहुल ने दी फेक न्यूज़ को हवा, कुछ मीडिया संस्थानों ने भी दिया साथ क्या वाकई मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 'कश्मीरी बहू' वाला बयान दिया या फिर दाल में कुछ काला है

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इन दिनों ‘कश्मीरी बहू’ पर दिए गए बयान को लेकर सुर्खियों में हैं, जिस पर पक्ष और विपक्ष अपनी बात रखते हुए नज़र आ रहे हैं, जिसमें राहुल गांधी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इन तमाम सुर्खियों के बीच पहला सवाल यह उठता है कि क्या वाकई मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ‘कश्मीरी बहू’ वाला बयान दिया या फिर दाल में कुछ काला है? इसके बाद दूसरा प्रमुख सवाल यह उठता है कि आखिरी राहुल गांधी और तमाम दिग्गज सेलिब्रिटी इस मुद्दे को इतना हवा क्यों दे रहे हैं? इन्ही तमाम सवालों का जवाब हम यहां आपको तथ्यों के साथ देने जा रहे हैं।

मीडिया ने पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा दिए गए बयान का जोरो शोरो से प्रचार प्रसार किया, जिसके बाद पूरे देश में यह बात फैल गई कि सीएम ने महिलाओं को लेकर एक अपमानजनक बयान दिया, जिसके बाद उनकी चौ-तरफा आलोचना होने लगी, लेकिन यहां सबसे पहले जानना यह ज़रूरी है कि आखिर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का बयान क्या है? क्या वाकई मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कश्मीरी बहू लाने वाला बयान दिया था या फिर उसे तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है? इस पर चर्चा करने से पहले बताते हैं कि राहुल गांधी समेत नामी गामी लोगों ने इस खबर को कैसे हवा दी और उन्हें कैसा जवाब मिला।

राहुल गांधी ने ‘कश्मीरी बहू’ वाले बयान पर ये कहा

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि महिला कोई संपत्ति नहीं है कि पुरुषों का उन पर स्वामित्व होगा, ऐसे में कश्मीरी महिलाओं के बारे में हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर की टिप्पणी निंदनीय है। इसके आगे राहुल गांधी ने कहा कि यह आरएसएस का वर्षों का प्रशक्षिण एक कमजोर, असुरक्षित और दयनीय व्यक्ति की सोच को कैसा बना देता है। राहुल गांधी द्वारा कश्मीर बहू पर टिप्पणी किए जाने पर मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि आप मेरा पूरा वीडियो तो देखिये।

बबीता फोगाट ने लगाई द वायर की क्लास

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर को लेकर जिस तरह से मीडिया में खबरें चलाई जा रही हैं, उस पर बबीता फोगाट ने अपना गुस्सा जाहिर किया है। बबीता फोगाट ने प्रोपगेंडा की पत्रकारिता करने वाली पत्रकार आरफा खानम शेरवानी को खरी खोटी सुनाते हुए ट्वीट किया। बबीता फोगाट ने लिखा कि आरफा के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा कि हरियाणा के सीएम ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। मीडिया सिर्फ गलत खबर चला रही है, इसीलिए मेरा अनुरोध है कि मीडिया इस तरह का बयान देना बंद करे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री की तरफदारी करते हुए बबीता फोगाट ने लिखा कि सीएम ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जिससे महिलाओं का अपमान हुआ हो, बल्कि मीडिया ने उसे तोड़ मरोड़ कर पेश किया है। इन सबके अलावा बबीता फोगाट ने लिखा कि तोड़ मरोड़कर खबरों को पेश कर हमारे मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश न की जाए, क्योंकि हम सभी ने उनका बयान देखा और उन्होंने उसमें कुछ भी ऐसा नहीं कहा है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बयान की सच्चाई

लिंगानुपात व ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ की बात करते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा का नाम पहले बदनाम था और यह बेटी मारने वाले प्रदेश के रूप में कुख्यात हो गया था, जिसमें अब धीरे धीरे सुधार हो रहा है। इस दौरान मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा में लिंगानुपात 850 था, अर्थात प्रति 1000 लड़कों पर 850 लड़कियों का अनुपात, जोकि अब 933 अनुपात हो गया। इसके आगे उन्होंने कश्मीर और बिहार को लेकर भी बड़ा बयान दिया, जिसे ही तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है।

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हमारे धनखड़ जी ने कहा कि बिहार से (बहुएँ) लानी पड़ेंगी, ऐसे में अब कुछ लोग कह रहे हैं कि कश्मीर खुल गया, अब वहाँ से लेकर आएँगे। ‘मजाक’ की बातें अलग हैं, लेकिन समाज में लिंगानुपात ठीक होगा तो संतुलन बैठेगा। मतलब इस बयान में उन्होंने कहीं भी ऐसा कुछ नहीं कहा, जिससे वे महिलाओं का अपमान हुआ है। बता दें कि हरियाणा के सीएम ने सिर्फ एक उदाहरण दिया था, वो भी मज़ाक के तौर पर।

क्यों फैलाई गई फेक न्यूज़?

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को लेकर फेक न्यूज़ फैलाने की पहली वजह यही सामने आ रही है कि हरियाणा में इसी साल के अंत में चुनाव है, जिसकी वजह से उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की गई। तो वहीं दूसरी तरफ धारा 370 पर सरकार को घेरने के लिए जब विपक्ष को कुछ हाथ नहीं लगा, तो इस तरह की झूठी खबरों को हवा देकर सत्ता पक्ष की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है, जोकि ओछी राजनीति को दर्शाता है।