14 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गई थी ‘रसना गर्ल’, बच्ची को हो गया था अपनी मौत का अंदाजा बहुत ही कम उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली बाल कलाकर ने मजाक में कही अपनी मौत की बात

इंसान की जिंदगी का कोई भरोसा नहीं होता है, कब किसके साथ क्या हो जाए अगर इसका अंदाजा लोगों को होने लगे तो दुनिया में हादसा नाम की कोई चीज ही नहीं हो.कुछ ऐसा ही हुआ था बॉलीवुड की बाल कलाकार तरुणी सचदेव के साथ, ये नाम शायद आपको याद ना तो वो प्यारी सी रसना गर्ल याद है ? वही जो मासूमियत से आई लव यू रसना बोलती थी. जी हां वही, तरुणी सचदेव एक इंडियन मॉडल और बाल अभिनेत्री रह चुकी थीं. मगर जिंदगी ने इनके साथ ऐसा मजाक किया कि 14 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गई थी ‘रसना
गर्ल’, चलिए बताते हैं क्या हुआ था इस बच्ची के साथ ?

14 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गई थी ‘रसना गर्ल’

14 मई, 198 को मुंबई में जन्मी तरुणी सचदेव बाल कलाकार थीं. इनके पिता हरेश सचदेव एक इंडस्ट्रियलिस्ट हैं और मां मुंबई के इस्कॉन के राधा गोपीनाथ मंदिर की एक भक्त मंडली की सदस्य थी. तरुणी ने अपनी पढ़ाई मुंबई से ही की थी और वे अपनी मां के साथ मंदिर के त्यौहारों के कई नाटकों में हिस्सा लिया करती थी. तरुणी 5 साल की उम्र में ही फ़िल्म इंडस्ट्री में आ गईं थीं और वो अपने समय की सबसे ज़्यादा पैसे कमाने वाली बाल कलाकारों में से एक थीं. तरुणी ने रसना, कोलगेट, आईसीआईसीआई बैंक, रिलाइंस मोबाइल, एल.जी,
कॉफ़ी बाइट, गोल्ड विनर, शक्ति मसाला जैसे उत्पादों के लिए बहुत से टेलीविजन एड में अभिनय किया था. वोइंडस्ट्री की सबसे होनहार और अक्सर व्यस्त रहने वाली चाइल्ड मॉडल थीं. तरुणी स्टार प्लस के शो ‘क्या आप पांचवीं पास से तेज हैं?’ में भी कंटेस्टेंट बनकर नजर आ चुकी हैं और इस शो को शाहरुख खान होस्ट करते थे. उन्होंने साल 2004 में आई मलयालम फिल्म में ‘वेल्लिनक्षत्रम’ से अपना डेब्यू किया था.

14 मई, 2012 को अचनाक खबर आई कि तरुणी ने दुनिया छोड़ दी है और इनका निधन एक हादसे में हो गया. दरअसल जब नेपाल के अग्नि एयर फ़्लाइट सीएचटी प्लेन क्रैश हुआ था तो उसी फ्लाइट में तरुणी भी थीं. वोअपनी मां गीता सचदेव के साथ उस फ्लाइट में थीं और उनकी मां का भी इसी हादसे में निधन हो गया. उसी दिन तरुणी का जन्मदिन भी था, ये कहानी आपकी आंखों में आंसू ला सकती है. सोमवार को पश्चिमी नेपाल में 20 सीटर विमान के फिसलकर क्रैश हुआ और इसमें 16 भारतीय, 2 डेनमार्क वासी और चालक दल के तीन
सदस्य भी शामिल थे. जिसमें 13 यात्री और चालक दल के दो सदस्यों की मौत हो गई थी. लगभग 9.45 बजे प्लेन टुकड़ों में बदल गया. 15 लोग उस हादसे में मारे गए थे, जिसमें से छ: यात्री बच गए थे.

मजाक में दोस्तों को अलविदा कहा

11 मई 2012 को तरुणी को नेपाल जाना था और वो रवाना होने से पहले अपने सभी दोस्तों से मिली और गले लगाया. उस समय तरुणी ने सबसे कहा, ‘मैं आप सब लोगों से आखिरी बार मिल रही हूं.’ हालांकि वो एक मज़ाक की बात थी. मीडिया से बातचीत में तरुणी के दोस्तों ने बताया कि इससे पहले तरुणी ने उन्हें गले नहीं लगाया था और ना ही किसी भी ट्रिप पर जाने से पहले अलविदा बोलती थी. आखिरी बार उन्होंने अपने दोस्त से मज़ाक में कहा था कि अगर उड़ान के दौरान प्लेन क्रैश हो जाता है तो.. फिर हंसते हुए अपने दोस्तों को आई
लव यू बोलकर चली गईं.