पीएसी के पास नहीं है नोटबंदी पर प्रधानमन्त्री मोदी को बुलाने का अधिकार!

नोटबंदी पर जाँच कर रही संसदीय समिति, लोक लेखा समितिव (पीएसी)  फ़िलहाल प्रधानमंत्री को पूछताछ के लिये नहीं बुलाएगी. बीते दिनों समिति ने आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल को एक प्रश्नावली भेजकर कुछ सवाल किये थे. जिनके माध्यम से इसबात की पड़ताल होनी थी कि नोटबंदी के दौरान लिये गये फैसले संवैधानिक रूप से कितने उचित और सही थे.

आरबीआई गवर्नर को तलब भी किया है :

समिति ने 20 जनवरी को आरबीआई गवर्नर और सम्बंधित अधिकारियों को तलब भी किया है, बीते दिनों लोक लेखा समिति की अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता केवी कामथ ने कहा था कि अगर समिति आरबीआई के जवाबों से संतुष्ट नहीं होती है तो प्रधानमंत्री को भी समिति के सामने जवाब देने के लिये आना पड़ सकता है.

इसपर समिति के अन्य सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया और केवी कामथ के बयान पर विज्ञप्ति जारी की है. समिति ने जानकारी दी कि पीएसी के पास प्रधानमन्त्री को बुलाने की शक्तियां नहीं हैं.

इसपर समिति के अध्यक्ष केवी कामथ ने यह बात साफ़ की है कई वो समिति की आम सहमती से फैसला होने के बाद की स्थिति के तौर पर पीएम को बुलाने की बात कर रहे थे.

समिति की विज्ञप्ति के अनुसार समिति किसी भी मंत्रालय के अधिकारियों को किसी मामले की जाँच के लिये सबूत पेश करने के लिए बुलाया जा सकता है, लेकिन प्रधानमन्त्री या किसी मंत्री को नहीं.

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