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कॉलेज में मिले दो दोस्त ‘टीशर्ट’ बेच हर साल कमाते हैं 20 करोड़ रुपए, जानिए कैसे?

आज के जमाने में अधिकतर लोग भेड़ चाल चलना ही पसंद करते हैं. मसलन यदि उनके दोस्त, पड़ोसी या रिश्तेदार डॉक्टर या इंजिनियर बनने की पढ़ाई कर रहे हैं तो ये लोग भी वही करने लगते हैं. ज्यादातर मामलो में इनके माता पिता बच्चो के ऊपर यही कोर्स करने का प्रेशर डालते हैं. यदि बच्चा खुद से कुछ अलग दिशा में करियर बनाना भी चाहता हैं तो उसे पूरा सपोर्ट नहीं मिलता हैं. हालाँकि कुछ स्टूडेंट्स ऐसे भी होते हैं जो अपने सपनो को हर हाल में जिन्दा करते हैं और भविष्य में सफलता का स्वाद भी चखते हैं. आज हम आपको दो ऐसे ही दोस्तों की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने समाज से कुछ हट के सोचा और आज अपनी कंपनी खोल हर साल करोड़ो रुपए छाप रहे हैं.

कॉलेज में आया कंपनी खोलने का आईडिया

हैदराबाद के रहने वाले प्रवीण कुमार और सिंधुजा कंदलम ने चेन्नई स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रहे थे. यहाँ दोनों की दोस्ती हुई और ये एक दुसरे के साथ घुल मिल गए. ये दोनों दोस्त अक्सर एक दुसरे के साथ अपने विचार और कांसेप्ट शेयर किया करते थे. ऐसे में एक बार इन्होने सोचा कि हम पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी और के यहां नौकरी क्यों करे? हम अपना ही फेशन का एक ब्रांड बना लेते हैं. बस फिर क्या था ये दोनों इसी तैयारी में जुट गए. बात साल 2014 की हैं, जब इन दोनों का अंतिम सेमेस्टर चल रहा था. जहाँ एक तरफ स्टूडेंट्स एग्जाम की तैयारियों में जुटे थे तो वहीँ दूसरी और ये दोनों अपनी कंपनी को नया रूप देने की प्लानिंग में लगे थे.

यंग लोगो के लिए बनाते हैं टीशर्ट

प्रवीण और सिंधुजा ने आपस में मिलकर तय किया कि वे अपने कपड़ो का लुक और थीम यंग जनरेशन के हिसाब से रखेंगे. इसके लिए उन्होंने अपने फेशन ब्रांड का नाम ‘यंग ट्रेंडज’ रख दिया. उन्होंने कॉलेज के पास में ही एक गौदाम ले लिया जहाँ ये अपने प्रोडक्ट पर काम करते थे. शुरुआत में इन्होने अपने कॉलेज में ही स्टूडेंट्स को फ्री में टीशर्ट्स बांटे. इसके पीछे उनकी सोच थी की पहले अपने ब्रांड को लेकर लोगो के मन में लोकप्रियता पैदा की जाए. इसके बाद धीरे धीरे कर इन्होने टीशैर्ट्स बेचने के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइट का सहारा लेना शुरू कर दिया. इनके ब्रांड की ख़ास बात ये थी कि लोगो को कम पैसे में क्वालिटी प्रोडक्ट मिल रहे थे. साथ ही इनका यंग थीम वाला स्टाइल लोगो को बहुत पसंद आया.

हर साल कमाते हैं 20 करोड़ रुपए

अपने ब्रांड को और फैलाने के लिए इन्होने एक प्रॉपर कंपनी खोलने की प्लानिंग की. इसके लिए इन्होने तय किया कि ये तिरुपुर में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट ओपन करेंगे. इसकी वजह ये थी कि ये साउथ इंडिया और तमिलनाडु का कपड़ो का बड़ा मार्केट हैं. यहाँ उन्हें कम दामों पर अच्छी गुणवत्ता के कपड़े मिल जाते हैं. जल्द ही इन्होने फिल्पकार्ट और अमेज़न जैसी बड़ी कंपनियों के साथ साझा कर लिया. अब इनके पास एक दिन में हजारों आर्डर आने लगे. इस बात से प्रेरित होकर दोनों ने खुद की वेबसाइट ‘यंग ट्रेंड्ज’ बनाई. इस वेबसाइट ने बिजनेस को और भी बड़ा दिया. ये सभी काम शुरू करने के लिए इन दोनों ने शुरुआत में 10 लाख रुपए का निवेश किया था. लेकिन आज पांच सालो बाद इनकी इसी कंपनी का सालाना टर्नओवर 20 करोड़ रुपए हैं. अब इस कंपनी में 30 लोग काम करते हैं.

ये उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं जो अपने सपनो को उड़ान देना चाहते हैं. एक बाद जीवन में हमेशा याद रहे कि कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती हैं. इसलिए अपने सपनो को पंख देना बंद मत कीजिये.

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