
अपनी सैलरी से ड्राईवर ने बस में बनाया मिनी गार्डन, जाने वजह
इस बात में कोई शक नहीं कि इन दिनों दुनियां लगातार आधुनिकता की और बढ़ती जा रही हैं. लेकिन इस जद्दोजहद में हम अपने ही पर्यावरण के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं. लगातार बढ़ती जनसँख्या और इंडस्ट्री के चलते जंगल सिमटते चले जा रहे हैं. जितनी भी हरी भरी जगहें थी आज उन पर ऊँची ऊँची इमारतें बनी हुई हैं. बेंगलुरु भी एक ऐसा शहर हैं जो पहले अपनी हरियाली और साफ़ सुथरी झीलों के लिए जाना जाता था. हालाँकि अब यहाँ के नजारें काफी बदल चुके हैं. बढ़ते शहरीकरण की वजह से यहाँ की हरियाली काफी कम हो गई हैं. ऐसे में फिर भी अधिकतर लोग अपनी दुनियां में मस्त हैं, लेकिन कुछ गिने चुने समाजसेवी लोग ऐसे भी हैं जो यहाँ पर्यावरण के प्रति लोगो को जागरूक करने में लगे हुए हैं. ऐसे ही एक व्यक्ति हैं 59 वर्षीय नारायणप्पा.
ड्राईवर ने बस में बनाया मिनी गार्डन

नारायणप्पा बेंगलुरु मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन में पिछले 27 सालो से बस चलाने का काम कर रहे हैं. नारायणप्पा की बस (KA07-F-838) बाकी दूसरी बसों से थोड़ी अलग हैं. दरअसल उन्होंने अपनी बस में ही एक मिनी गार्डन बना रखा हैं. यशवंतपुर से लेकर बायलसांद्रा तक बस चलाने वाले नारायणप्पा ने इस नेक काम की शुरुआत दो साल पहले साल 2007 में की थी. उस दौरान उन्होंने अपनी खुद की सैलरी से दो पौधे खरीद बस में लगे थे. बस इसके बाद उनके पौधों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई और उनकी बस एक मिनी गार्डन में तब्दील हो गई. नारायणप्पा इन पौधों में रोजाना दिन में दो बार बकायदा पानी भी देते हैं.
ऐसे मिली प्रेरणा

नारायणप्पा बताते हैं कि उनके घर में भी एक छोटा सा गार्डन हैं. इस्न्मे उनके बीवी और बच्चे अक्सर कुछ ना कुछ बदलाव करते रहते हैं. बस उन्हें इन्ही से अपने बस में भी छोटा बगीचा लगाने की प्रेरणा मिल गई. नारायणप्पा आगे कहते हैं कि वे पर्यावरण को स्वच्छ और हरा भरा बनाना चाहते हैं. मेरे इस छोटे से काम से यदि किसी दुसरे व्यक्ति को भी प्रेरणा मिलती हैं तो ये मेरे लिए ख़ुशी की बात होगी.
यात्रियों से मिलती हैं तारीफ़

नारायणप्पा की इस मिनी गार्डन वाली बस में जो भी सफ़र करता हैं वो काफी इम्प्रेस हो जाता हैं. उन्हें इस नेक काम के लिए बहुत तारीफें मिलती हैं. कई लोग तो यहाँ तस्वीरें भी लेते हैं और फिर उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर देते हैं. इस बस में डेली सफ़र करने वाली यात्री पुष्पा प्रेया का कहना हैं कि मैं तो कभी सोचा भी नहीं था कि कोई बस के अंदर भी गार्डन बना सकता हैं. मुझे आशा हैं कि नारायणप्पा जैसे लोग हमारे पर्यावरण को बेहतर बनाने और लोगो को जागरूक करने के लिए मिसाल बनेगे.
उधर सोशल मीडिया पर भी जब लोगो को तस्वीरों के माध्यम से इन अनोखी गार्डन वाली बस के बारे में पता चला तो वे तारीफों के पूल बंधने लगे. जरा सोचिये नारायणप्पा की तरह यदि देश का हर नागरिक वातावरण के प्रति इतना जागरूक हो जाए तो ये दुनियां फिर से हरी भरी और प्रदुषण रहित बन सकती हैं.