देखिए वीडियो: ये है दुनिया की पहली ऐसी महिला पायलट, जो पैरों से उड़ाती है प्लेन पैदा होने पर नहीं थे हाथ, मगर अब पायलट बनकर उड़ाती हैं प्लेन

कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो हर सपने को लाख कठिनाइयों के बाद भी पूरा किया जा सकता है। हाल ही में इस बात को सच करके दिखाया है जेसिका कॉक्स ने। जेसिका कॉक्स का सपना एक पायलट बनने का था। लेकिन वो आम लोगों की तरह नहीं थी। दरअसल जेसिका कॉक्स के हाथ नहीं है और बिना हाथ के पायलट बनना नामुमकिन है। लेकिन जेसिका कॉक्स के सपने और उनके इरादे मजबूत थे और इन्हीं मजबूत इरादों के दम पर जेसिका कॉक्स आज के पायलट बन गई हैं। एक पायलट बनने के अपने सपने को सच करने के लिए जेसिका कॉक्स ने खूब मेहनत की है।

कैसे उड़ाया प्लेन

आप सोच रहे होंगे की आखिर बिना हाथ होने के बाद भी जेसिका कॉक्स ने किस तरह से प्लेन को उड़ाया है। दरअसल जेसिका कॉक्स अपने पैरों का इस्तेमाल करके प्लेन को उड़ाया करती है। वहीं इनके पैरों से प्लेन को उड़ाने की एक वीडियो भी काफी वायरल हो रही है जिसमें ये अपने पैरों की मदद से किस तरह से प्लेन को उड़ा रही हैं ये देखा जा सकता है। जेसिका कॉक्स के सीप्लेन को उड़ाने की वीडियो को बेहद ही कम समय के अंदर लाखों लोगों ने देख लिया है। जेसिका कॉक्स की जिंदगी उन करोड़ों लोगों के लिए एक मिसाल हैं, जो कि छोटी-छोटी परेशानियों के आगे हार मान लेते हैं और अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते हैं।

गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में हुआ नाम दर्ज

अमेरिका के अरिज़ोना मेें रहने वाली जेसिका कॉक्स ने एक प्लेन को उड़ाकर अपने पायलट बनने के सपने को पूरा करने के साथ ही अपना नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज करवा लिया है। ये दुनिया की पहली ऐसी आर्मलेस व्यक्ति बना गई हैं, जिनके पास पायलट का लायसेंस है। इतना ही नहीं ये पूरी दुनिया में काफी फेमस भी हो गई हैं और इनके इंटरव्यू कई बड़े चैनलों द्वारा लिए गए हैं।

बचपन से नहीं हैं हाथ

जेसिका कॉक्स का जन्म अमेरिका में साल 1983 में हुआ था और जिस वक्त इनका जन्म हुआ था, इनके हाथ नहीं थे। जिसके चलते इन्होंने नकली हाथों की मदद से अपने कामों को करना शुरू कर दिया था। लेकिन जब ये 14 साल की हुई तो इन्होंने नकली हाथों को लगाना छोड़ दिया और खुद के पैरों का इस्तेमाल हाथ के तौर पर करना शुरू कर दिया। 14 साल से ही जेसिका कॉक्स अपने पैरों से ही अपने हर काम को किया करती है। ये अपने पैरों से प्लेन के अलावा कार भी चलाया करती थी। इसके अलावा ये पैरों की मदद से ही अपनी आंखों में लेंसेस लगाया करती हैं। स्कूबा डाइविंग और कीबोर्ड पर टाइप भी ये अपने दोनों पैरों से आसानी से कर लेती हैं।