नवरात्र के दौरान जाएं दिल्ली के पास स्थित मां दुर्गा के इन मंदिरों में, पूरी हो जाती है मनोकामना वैष्णो देवी के तरह ही ये मंदिर भी हैं काफी प्रसिद्ध जहां पर नवरात्र के दौरान जाने से मिलता है मां का विशेष आर्शीवाद

नवरात्र के दौरान हर कोई वैष्णो देवी मां के मंदिर में जरूर जाना चाहता है और मां वैष्णो देवी के दर्शन कर उनका आर्शीवाद लेना चाहता है। मगर कई बार ऐसा करना संभव नहीं होता है और भक्त नवरात्र के दौरान मां वैष्णो देवी के दर्शन नहीं कर पाते हैं। हालांकि दिल्ली के आसपास ऐसे कई सारे मां के मंदिर मौजूद हैं, जहां पर अगर आप नवरात्र के दौरान जाते हैं तो आपकी हर मनोकामना मां पूरी कर देती हैं और मां का आर्शीवाद आपको मिल जाता है।

ये हैं मां दुर्गा के प्रसिद्ध मंदिर

ज्वाला देवी मंदिर

ज्वाला देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश राज्य के कांगड़ा जिले में स्थित है और ये मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। इस मंदिर में हर समय ज्योति लगातार जलती रहती है और दूर दूर से श्रद्धालु इस मंदिर में आकर मां कि इस ज्योति के दर्शन किया करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस जगह पर माता सती जी की जीभ गिरी थी और तब से ही ये ज्योति यहां पर जल रही है।

मनसा देवी

मनसा देवी मंदिर उत्तराखंड राज्य में है और इस मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार अगर इस मंदिर में आकर यहां पर मौजूद पेड़ पर भक्त धागा बांधते हैं और कोई मन्नत मांगते हैं तो वो मन्नत माता रानी जरूर पूरी कर देती हैं। ये मंदिर हरिद्वार से तीन किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है।

पाटन देवी

पाटन देवी का मंदिर उत्तर प्रदेश राज्य में है और ये मंदिर  51 शक्तिपीठों में से एक है। इस मंदिर से जुड़ी कथा के अनुसार इस जगह पर माता सती का दायां कंधा गिरा था। साथ में ही यहीं वो जगह है जहां पर सीता मां धरती की गोद में समाकर गई थी। नवरात्र के दौरान इस मंदिर में मां के दर्शन करने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं।

करणी माता मंदिर

ये मंदिर राजस्थान में है, जो कि बीकानेर से 30 किलोमीटर की दूरी पर है। ये मंदिर करणी माता को समर्पित है। इस मंदिर में हर वक्त 25 हजार से अधिक चूहे मौजूद रहते हैं और इन चूहों को इस मंदिर में आए लोग खाने को कुछ ना कुछ जरूर देते हैं। इतने सारे चूहे मंदिर में मौजूद होने के चलते इस मंदिर को चूहे वाला मंदिर भी कहा जाता है।

अम्बाजी मंदिर

अम्बाजी मंदिर भी 51 शक्तिपीठों मंदिरों में से एक है, जो कि मां अम्बाजी को समर्पित है। मान्यता के अनुसार इस मंदिर में माता सती का हृदय गिरा था। गुजरात में स्थित ये मंदिर अपने आप में अनोखा है क्योंकि इस मंदिर में मां की कोई भी मूर्ति नहीं रखी गई है। इस मंदिर में मौजूद श्री चक्र की पूजा ही भक्तों द्वारा की जाती है।

नैना देवी मंदिर

नैना देवी मंदिर भी हिमाचल प्रदेश में है। इस मंदिर के गर्भ ग्रह में तीन मूर्तियां रखी गई हैं जो कि माता काली की, नैना देवी और गणेश जी की हैं। ये मंदिर भी मां दुर्गा के प्रसिद्ध 51 शक्ति पीठों में से एक है और इस मंदिर के पास ही नैना देवी गुफा भी है। ऐसा कहा जाता है कि इस जगह पर माता सती के नेत्र गिरे थे और इस वजह से इस मंदिर का नाम नैना देवी पड़ गया।