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पुलवामा में जिस बस पर हुआ था हमला, थाका बेलकर उसी बस में थे सवार,लेकिन एक मैसेज ने बचा ली उनकी जान

न्यूज़ट्रेंड वेब डेस्क: “जाको राखे साइयां मार सके ना कोई” ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी। इस कहावत का अर्थ है कि जिसकी रक्षा भगवान करते हैं उसका कोई बाल भी बांका नहींं कर सकता है, और ऐसा ही हुआ जवान थाका के साथ। 14 फरवरी को सीआरपीएफ की बटालियन पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। लेकिन इसी बटालियन में जवान थाका जो खुद भी कश्मीर जा रहे थे उनकी जान बाल-बाल बच गई। जवान थाका भी अपने साथियों के साथ कश्मीर जाने की तैयारी कर रहे थे, वो उस बस में सवार हो चुके थे जो कश्मीर के लिए रवाना हो रही थी, लेकिन तभी उनके फोन पर एक मैसेज आया और वो बस से उतर गए।

बता  दें कि जवान थाका महाराष्ट्र के अहमदनगर के रहने वाले हैं, वो भी उसी बस में सवार थे जिस पर आतंकियों ने हमला किया था। दरअसल जवान थाका बेलकर ने अपनी शादी के लिए छुट्टी की अर्जी दी थी, लेकिन 13 फरवरी तक उनकी छुट्टी सेंशन होने का कोई मैसेज नहीं आया था। जिसके बाद आदेश आया की बटालियन को कश्मीर के लिए रवाना होना है। अपने बाकी साथियों के साथ थाका भी कश्मीर जाने की तैयारी की और बस में सवार हो गए, लेकिन तभी उनके पास मैसेज आया की उनकी छुट्टी मंजूर हो गई है। मैसेज पढ़ते ही थाका अपना सामान लेकर बस से उतर कर वापस कैंप चले गए और अपने गांव निकलने की तैयारी करने लगे।

जवान थाका बेलकर अहमदनगर के पारनेर जिले का एक अकाल पीड़ित गांव में रहते है। बेलकर के घर में उनकी शादी की तैयारियां जोरो-शोरों से चल रही थी। लेकिन थाका को छुट्टी ना मिलने की वजह से वो अपने गांव नहीं जा पा रहे थे। लेकिन 14 की सुबह बेलकर अपने बाकी साथियों के साथ गाड़ी में बैठे ही थे कि तभी उनके मोबाइल पर मैसेज आ गया था और गाड़ी से उतर गए और उनकी जान बच गई।

जब थाका अपना सामान पैक करके अपने गांव के लिए निकल रहे थे, तभी उनको पता चला कि जिस गाड़ी में वो बैठकर अपनी बटालियन के साथ कश्मीर जा रहे थे उस पर आतंकी हमला हो गया है। उस हमले में उस बस में सवार सभी जवान शहीद हो गए हैं। बेलकर को अपने साथियों की मौत का काफी गहरा सदमा लगा। वो अपनी शादी के लिए गांव तो पहुंच गए हैं, लेकिन अब ना तो उनमें और ना ही उनके घर वालों में शादी को लेकर कोई उत्साह बचा है। उनके घर में सभी इस घटना से काफी आहत हुए हैं। यहां तक की थाका ने मीडिया के सामने आकर कुछ भी कहने से मना कर दिया है। थाका के पिता का कहना है कि इस घटना के बाद शादी का जश्नन मातम में बदल गया है।

हालांकि थाका ने तो मीडिया से कोई बात नहीं की लेकिन उनके पिता ने बताया कि उनको अपने बेटे के घर आने की खुशी से ज्यादा उनके साथियों के चले जाने का गम हैं। क्योंकि उनके 40 बेटों की जानें गई हैं। इस घटना के बाद से हर कोई काफी दुखी है। बता दें कि थाका की शादी तो होगी लेकिन काफी सादगी से, किसी प्रकार का कोई तीमझाम करने से थाका ने मना कर दिया है। वहीं उनके परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि इस हमले के बाद से मन इतना दुखी है कि शादी को लेकर किसी तरह का कोई उत्साह नही हैं।

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