पुलवामा के बाद भारत ने पाक से छीना “मोस्ट फेवर्ड नेशन” का खिताब, अब दिख सकता है ये असर

गुरुवार रात को हुए जम्मू कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले को भुला पाना शायद कभी मुमकिन नहीं हो पाएगा. भारत ने इस हमले में कईं जवानों को खो दिया. आज देश भर में उन जवानों की शहादत को याद करके मायूसी छाई हुई है. वहीँ इस मामले को लेकर शुक्रवार की सुबह को सुरक्षा कैबिनेट कमेटी की एक बैठक रखी गई. इस बैठक में मोदी सरकार ने पकिस्तान को आर्थिक मोर्चे पर घेरना शुरू कर दिया है. ताजा जानकारी के अनुसार सुबह वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बैठक में पाकिस्तान को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. अरुण जेटली के अनुसार बीती रात को हुई घटना के बाद अब भारतीय सरकार पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का खिताब वापिस लेने जा रही है.

वहीँ दूसरी और इस मामले में एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि भारतीय सरकार पाकिस्तान से एमएफएन का दर्जा छीन भी लेती है तो इससे पाक को कोई फर्क नही पड़ेगा ना ही कोई नुक्सान होगा. परंतु इससे पाकिस्तान और दुनिया को सख्त सन्देश मिल जाएगा कि भारत ने आतंकवाद पर अहम कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. बता दें कि बीते दिन हुए जम्मू कश्मीर में भारत के कईं जवान मारे गए जिसिके कारण आज देश भर में मौन रखे जा रहे हैं. हालाँकि सरकार के इस फैसले से शहीद हुए वीर वापिस नहीं आएंगे लेकिन यह पाकिस्तान को भारत की ओर से एक करारा जवाब होगा.

क्या होता है मोस्ट फेवर्ड नेशन का ख़िताब?

आपकी जानकरी के लिए हम आपको बता दें कि किसी भी देश को मोस्ट फेवर्ड नेशन का खिताब देने का मतलब इस बात से है कि हम आपके साथ जितना संबंध रखेंगे, उतना किसी और देश के साथ कभी नहीं रखेंगे. मोस्ट फेवर्ड नेशन चुनने के दौरान विश्व व्यापर संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सदस्य के तौर पर एक दुसरे देश को मोस्ट फेवर्ड का दर्ज़ा दिया जाता है. ऐसे में दोनों देश एक दुसरे को अहमियत देते हैं. बता दें कि भारत ने 1996 में पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्ज़ा दिया था. परंतु पाकिस्तान द्वारा एक के एक बाद करवाए जा रहे आतंकी हमलों के कारण सरकार ने उनसे यह खिताब छीनने की ठान ली है.

वहीँ दूसरी और डब्ल्यूटीओ के अनुसार कोई भी देश मोस्ट फेवर्ड तब कहलाता है, जब वह देश व्यापार से जुडी बाधाएं कम करता है या फिर अपने बाजार को खोलता है तो उसे यह कार्य अपने सभी ट्रेंडिंग पार्टनर के साथ करना पड़ता है. ऐसे में कोई भी देश इस मोर्चे पर ट्रेंडिंग पार्टनर के बीच भेदभाव नहीं कर सकता. यानि मोस्ट फेवर्ड नेशन का अर्थ यह है कि इस स्टेटस के तहत पाकिस्‍तान के व्‍यापारियों को वे सभी रियायतें मिल रहीं थी, जो भारत दूसरे देशों को देता है.

क्या होगा इसका असर?

इस विषय में उद्योग चैंबर एसोचैम ने कहा कि पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड स्टेटस देने के बाद भी भारत के साथ उनके कारोबार का कोई ख़ास असर नहीं पड़ा था. दरअसल, दोनों देशों में अब कारोबार बेहद कम है. बता दें कि साल 2015-16 में भारत का कुल व्‍यापार 641 अरब डॉलर रहा है. वहीं पाकिस्‍तान के साथ व्‍यापार मात्र 2.67 अरब डॉलर रहा.एक्सपर्ट्स के अनुसार इस फैसले के कारण अब पाकिस्तान से आने वाला ड्यूटी फ्री सीमेंट और उसके आयात पर काफी असर देखने को मिलेगा. भारत-पाकिस्‍तान को चीनी, चाय, ऑयल केक, पेट्रोलियम ऑयल, कॉटन, टायर, रबड, समेत 14 वस्‍तुओं का प्रमुख रूप से निर्यात करता है. वहीं भारत, पाकिस्‍तान से कुल 19 प्रमुख उत्‍पादों का आयात करता है. ऐसे में इन दोनों देशों के इस कारोबार में कईं तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं.