20 लाख रुपए के दहेज का ऑफर ठुकरा कर , बिना दहेज लिए घर में लाए बहु

हमारे देश में अभी भी कई सारे ऐसे लोग हैं जो कि दहेज के बिना शादी करने में विश्वास नहीं करते हैं और अपने बेटों की शादी में खूब सारा दहेज लड़की वालों से शगुन के रूप में लिया करते हैं. दहेज के लिए लोग इतने लालची होते हैं कि वो अपने बेटे की पढ़ाई के अनुसार और उसकी नौकरी के हिसाब से दहेज की राशि तय करते हैं और जो भी लड़की के मां बाप उनके द्वारा तय की गई राशि को देने के लिए राजी हो जाते हैं उनके साथ अपने बेटे की शादी कर देते हैं. हालांकि ऐसा नहीं है कि हर वक्त केवल लड़के के मां बाप ही दहेज लेने की मांग करते हैं. ऐसा भी कई बार देखा गया है कि लड़की के मां बाप अपनी बेटी का रिश्ता अच्छे घर में करवाने के लिए, खुद से लड़के के माता पिता के सामने दहेज की राशि रखते हैं. ताकि वो पैसे लेकर अपने बेटे का रिश्ता उनके साथ पक्का कर दें और उनकी बेटी को अच्छा जीवन साथी मिल सके.

वहीं इस दौर में ऐसे भी लड़के के मां बाप हैं जो कि ऐसे घर में शादी करने के लिए मना कर देते हैं जहां दहेज के दम पर बेटी की शादी करवाई जाती है और आज हम आपको एक ऐसे ही परिवार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने लाखों रुपए के दहेज को ठुकराते हुए अपने बेटे की शादी बिना कोई पैसे लिए करवाई.

एक  सिविल इंजीनियर जिसने बिना दहेज के की शादी

रोहित राज एक सिविल इंजीनियर है और उसके परिवार वाले लंबे समय से उसके लिए रिश्ते की तलाश में थे और इसी दौरान रोहित के परिवार वालों जो कि बिहार में रहते हैं उन्हें कई सारे रिश्ते भी आए. रोहित के पिता संजीव रंजन वर्मा के मुताबिक उनके पास आए इन रिश्तों में लड़की के माता पिता ने उनको खूब दहेज देने का बात की और उनके सामने 20 लाख रुपए के दहेज तक का ऑफर भी आया. मगर रोहित के पिता संजीव ने कभी भी दहेज ना लेने की कसम खा रखी थी और उन्होंने इन सभी रिश्तों को ठुकरा दिया.

बिना दहेज के की शादी

कुछ समय बाद रोहित राज के लिए उनके परिवार वालों ने दीपिका नाम की लड़की को पसंद किया और उस लड़की से घरवालों से एक रुपए का दहेज ना लेकर उसका रिश्ता अपने बेटे से पक्का कर दिया. दीपिका भी राजीव की तरह काफी पढ़ाई लिखी हुई है और दीपिका ने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की हुई है.वहीं रोहित के पिता और उनके परिवार वालों ने जब बिना किसी दहेज लिये ये रिश्ता तय किया तो दीपिका के पिता जो कि एक प्राइवेट कंपनी में काम करते  हैं. उन्होंने अपने बेटी की शादी बिना किसी पैसों की टेंशन के एक होटल में धूमधाम से की.

दरअसल रोहित के पिता का कहना था कि उनकी कोई भी बेटी नहीं है इसलिए उन्होंने ये तय कर रखा था कि वो कभी भीअपने दोनों बेटों की शादी में दहेज नहीं लेंगे और उन्होंने इसलिए अपने बड़े बेटे रोहित की शादी बिना दहेज के की. रोहित के परिवारवालों की ये सोच आज के समाज के लिए एक मिसाल है और उन लोगों के लिए सबक है जो कि दहेज के बिना शादी नहीं करते हैं.