चक्कर आने के पीछे होते हैं ये 3 गंभीर वैज्ञानिक कारण, आप भी रहें सूचेत

जब इंसान अपनी होश में नहीं रहता और लगभग मुर्छित हो कर गिर जाता है, तो उसे चक्कर आना कहते हैं. ऐसी अवस्था में हमें अपनी सुद्ध-बुध नहीं रहती और ना ही हमारे दिमाग को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुँच पाती है. इसलिए दिमाग सुन्न हो जाता है. चक्कर हमे शारीरक कम्जुओरी, थकान या फिर तेज़ धुप के कारण भी आ सकते हैं. लेकिन कईं बार चक्कर आने की वजह कोई बड़ी बीमारी भी हो सकती है. या फिर यह किसी गंभीर समस्या के कारण भी आ सकते हैं. ऐसे में इनका इलाज करने से पहले हमारा यह जानना बेहद आवश्यक है कि चक्कर किसी खतरनाक बीमारी के सूचक तो नहीं और इसके आखिर क्या-क्या कारण हो सकते हैं.

वर्टिगो हो सकता है कारण 

चक्कर आने पर हमे कईं बार धुंधला दिखाई देने लगता है या फिर हमारी आँखों के सामने सब चीज़ें घूमने लगती हैं. बहुत से लोगों को चक्कर आने के दौरान सुनना कम हो जाता है और वह बात करने में असहज महसूस करने लगते हैं. इसके इलावा वर्टिगो भी चक्कर आने का एक कारण हो सकता है. ऐसी अवस्था में पीड़ित व्यक्ति को हमेशा यही प्रतीत होता है कि वह ज़मीन पर बेहोश हो कर गिर जाएगा.ज्यादातर केसों में चक्कर आने की समस्या अधेड़ उम्र की महिलाओं में देखी गई हैं. इस अवस्था में व्यक्ति अपना संतुलन खो बैठता है और गिर जाता है.कईं बार ब्लड प्रेशर के अचानक बदलाव से भी ऐसा हो सकता है.

कान के कारण आ सकते हैं चक्कर

चक्कर आने में कान प्रमुख भूमिका निभाता है. दरअसल, शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए कान के अंदर तीन अर्धघुमावदार कैनालें होती हैं. इनके सूक्ष्म तत्व कईं बार एक जगह से दूसरी जगह चले जाते हैं तो हमे चक्कर आने लगते हैं. ऐसा हमे ज्यादातर तब पता कहता है, जाब हम अचानक से अपनी गर्दन हिलाते हैं या फिर करवट लेते हैं. इसके इलावा कान के आंतरिक भाग में स्तिथ यूट्रिकल और सेक्युल में असंतुलन होने से भी चक्कर आ सकते हैं.

अधिक नमक के सेवन के कारण

कान के अंदरूनी भाग में कईं बार द्रव्य पदार्थ अधिक जमा हो जाता है. ऐसे में कम सुनाई देना या सीटी बजने की आवाजें सुनाई दना जैसी परेशानियाँ आ सकती हैं. इस अवस्था में कईं बार मरीज़ को चक्कर आ सकते हैं. इसका एक कारण कानों का दिमाग से जुड़े होना भी हो सकता है. बहुत से लोग अधिक नमक का सेवन करते हैं जिससे उनके कान का द्रव्य बढ़ जाता है. ऐसे में डॉक्टर्स उन्हें कम नमक खाने की सलाह देते हैं ताकि वह जल्दी से ठीक हो पाएं.

अन्य कारण

जब शरीर की बेस्टीबुलर नर्व में सूजन आती है तो चक्कर आने की स्तिथि बन सकती है. ऐसे में इस बिंरी का फौरन इलाज करवाना जरूरी है. इसके लिए दवाओं के इलावा एक्सरसाइज की भी सलाह दी जाती है. कुछ मामलों में ट्यूमर होने के कारण भी चक्कर आने लगते हैं. ऐसे में यदि आपको भी बिना किसी थकान या कमजोरी के चक्कर आ रहे हैं तो एक बार अपने डॉक्टर से जांच आवश्य करवा लें.