फ़िल्मी तरीके से पुलिस ने पकड़ा चोर, अनोखे स्टाइल से सरेआम चुराता था महंगी कारें

दुनिया में हर इंसान के पास कोई ना कोई टैलेंट जरुर होता है. लेकिन सच्चा इंसान वही है, जो अपने टैलेंट को पहचान कर लोगों की भलाई में सहयोग दे ना कि अपना खुद का उल्ला सीधा करने के लिए टैलेंट का दुरूपयोग करे. आज हम आपको एक ऐसे ही छातिर व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके अनोखे टैलेंट ने आखिरकार अब उसे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. दरअसल, आज का सयम डिजिटल और स्मार्ट हो चुका है. ऐसे में घर के दरवाजें हो या फिर कार के लॉक, हर ताले को डिजिटल पासवर्ड या रिमोर्ट कंट्रोल्स की मदद से खोला जा सकता है. आपने कईं फिल्मों में देखा होगा कि घर में घुसने से पहले चोर अक्सर दरवाजे का टाला तोड़ देता है. लेकिन इस खतरे से बचने के लिए लोग अब घरों और वाहनों में डिजिटल ताले लगवा रहे हैं, जिन्हें केवल रिमोर्ट से खोला जा सकता है.

हालाँकि हर कोई यही सोचता है कि यही डिजिटल लॉक उनके लिए एकदम सुरक्षित हैं. परंतु सच्चाई कुछ और ही है. हाल ही में हुई घटना ने इस बात को साबित कर दिखाया है कि ताला चाहे कैसा भी क्यों ना हो, उसे स्मार्टनेस से खोला जा सकता है. दरअसल, बीते दिनों दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके पास से उन्हें 50 चाबियाँ, 25 रिमोर्ट कंट्रोल मशीनें और कईं अन्य गैजेट्स बरामद हुए हैं. इस आरोपी को पकड़ने का पूरा श्रेय पंजाबी बाग थाणे के कांस्टेबल को दिया जा रहा है.

ख़बरों के अनुसार इस कांस्टेबल ने फ़िल्मी तरीके से पहले आरोपी व्यक्ति की कार का पीछा किया और फिर गाड़ी के शीशे तोड़ कर उस पर हल्ला बोल दिया और उसे अपनी हिरासत में ले लिया. जब पुलिस ने आरोपी शख्स की तलाशी ली तो उसके पास से मिले सामान को देख कर वह आश्चर्यचकित रह गए. बता दें कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का नाम राज कुमार है. राज कुमार के ऊपर इस्ससे पहले भी 28 अलग-अलग मामले चल रहे थे.  आरोपों के लिए मोती नगर, करावल नगर, सीलमपुर, कोटला मुबारकपुर, अशोक विहार, तिलक नगर थाने में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं.

पुलिस ने इस छातिर चोर को गिरफ्तार करने के बाद उसके पास तीन महंगी कारें भी बरामद की जोकि उसने अलग-अलग थानों से चुराई थी. मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनों पुलिस के हेड कांस्टेबल दिनेश और कर्मवीर पेट्रोलिंग पर थे तभी उनकी नजर एक गाड़ी पर पड़ी जोकि धीरे धीरे चल रही थी जिसमे तीन युवक बैठे हुए थे. सुबह 3.30 पर जहाँ एक तरफ सभी गाड़ियाँ तेजी से निकलती हैं वही इस गाड़ी को धीरे जाता देख कर्मवीर को शक हो गया. जिसके बाद कर्मवीर ने गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया. पुलिस को पीछे आता देख ड्राईवर ने गाड़ी की गति तेज़ कर दी. इस पर कांस्टेबल दिनेश को यकीन हो गया कि उस गाड़ी में कुछ तो खतरनाक आवश्य ही है. ऐसे में उन्होंने अपनी समझदारी से नाईट पेट्रोलिंग के इंचार्ज सदीप कुमार और पूरी टीम को अलर्ट कर दिया.

लगातार 10-15 मिनट तक की भाग-दौड़ के बाद आखिरकार सामने वाली गाड़ी दीवार से टकरा गई और उसमे स्वर युवकों ने रिवर्स ले कर भागना चाह परंतु कर्मवीर ने बिना समय गंवाए बाइक से छलांग लगाई और ड्राईवर को पंच मार दिया. पंच से गाड़ी का शीशा टूट गया और टूटते ही कर्मवीर ने चाबी निकाल ली. जिसके बाद आखिरकार कर्मवीर और दिनेश ने दोनों को हाथापाई के बाद पकड़ ही लिया.