मोदी सरकार का अगला कदम ; कर्मचारियों को मिलेगा ऑनलाइन वेतन

सरकार ने हिंदुस्तान को कैशलेस अर्थव्यवस्था के दौर में ले जाने के लिये तैयार करने का बीड़ा उठा लिया है, मोदी सरकार का अगला कदम वेतन भुगतान कानून में बदलाव करना हो सकता है, सूत्रों के मुताबिक नये प्रावधान के अनुसार कम्पनियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को कर्मचारियों को वेतन का भुगतान चेक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से करना अनिवार्य हो सकता है.

सरकार जल्द ही वेतन भुगतान अधिनियम 1936 में नये प्रावधान ला सकती है :

एक खबर के अनुसार सरकार जल्द ही वेतन भुगतान अधिनियम 1936 में नये प्रावधान ला सकती है, जिससे उद्योगों के नियोक्ताओं को कर्मचारियों का वेतन उसके खाते में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से या चेक के माध्यम से करना होगा, लेकिन अब संसद सत्र ख़त्म हो चुका है ऐसे में कानून में संशोधन लाने के लिये सरकार को अगले सत्र तक इंतज़ार करना होगा या फिर सरकार इसके लिये अध्यादेश लायेगी.

बताया जा रहा है कि वेतन भुगतान अधिनियम में बदलाव के लिये 15 दिसम्बर 2016 को लोकसभा में प्रस्ताव लाया गया था, अब इसे अगले साल बजट सत्र में पारित कराया जा सकता है, फ़िलहाल सरकार इसके लिये अध्यादेश ला सकती है.

गौरतलब है कि कोई भी अध्यादेश 6 महीने के लिये वैधानिक होता है और इसी अवधि में सरकार को बिल संसद में पास कराना होता है, 6 महीने के बाद अध्यादेश की वैधता स्वतः समाप्त हो जाति है.

वेतन भुगतान विधेयक में संशोधन के लिये वास्तविक कानून में धारा 6 में बदलाव करना होगा, जिससे नियोक्ता अपने कर्मचारी को चेक या इलेक्ट्रॉनिक रूप से वेतन दे सके.

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