बिना कोई फिजूल खर्च किए आईएएस और आईआरएस अधिकारी ने की शादी, दिया लोगों को संदेश

भारत में शादियां केवल धूमधाम से की जाती हैं जिसके चलते इन शादियों के दौरान खूब फिजूल खर्चा भी होता है. शादी में होने वाले इन खर्चे को रोकने के लिए और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का कार्य कई लोग करते हैं. ताकि शादियों में होने वाले इन पैसों को बचाया जा सके और लोग साधारण तरीके से शादी करें. वहीं लोगों के बीच इसी तरह की जागरूकता फैलाने के लिए हाल ही में एक आईएएस और आईआरएस अधिकारी ने भी साधारण तरह से विवाह किया है. ताकि लोग इनसे प्रेरित होकर इसी तरह से बिना कोई फिजूल खर्च किए शादी करें और समाज को संदेश दे सकें.

बैंड-बाजे के बिना की शादी

साधारण तरीके से हुई ये शादी दिल्ली के पास स्थित गाजियाबाद में हुई है. बताया जा रहा है कि आईएएस अधिकार नवीन कुमार ने और आईआरएस रंजना कुमारी ने पहले एक मंदिर में जाकर हिंदू धर्म के तहत शादी की और फिर कोर्ट में जाकर अपनी शादी को रजिस्टर करवाया. इन दोनों की ये शादी इतनी साधारण थी कि इस शादी में किसी भी तरह के बाराती और बैंड बाजों वालों को भी नहीं बुलाया गया था.

केवल करीबी लोग मौजूद थे

इन दोनों अधिकारियों ने अपनी शादी में केवल करीबी लोगों को ही बुलाया था और इन्होंने अपनी शादी में केवल परिवार वालों और कुछ ही दोस्तों को शामिल किया था. इस जोड़े ने पहले इन लोगों की मौजूदगी में मंदिर में शादी की फिर और वहां से सीधा सदर तहसील चले गए. तहसील में जाकर इन्होंने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी का पंजीकरण कराया और इस तरह से बिना कोई शोर और धमाल मचाए शादी कर ली.

देना चाहते हैं संदेश

इस तरह की शादी करने के पीछे इन दोनों अधिकारियों का केवल एक ही मकसद था और वो मकसद लोगों को इस बात का संदेश देना था कि शादियां किसी फिजूल खर्च को किए बिना भी की जा सकती हैं. ये जरूरी नहीं है कि हर कोई शादी करने के लिए लाखों रूपए खर्च करे.

साल 2017 के बैच के हैं अधिकारी

बेहद सादगी से शादी करने वाले ये दोनों अधिकारी इस वक्त मसूरी एकेडमी में ट्रेनिंग ले रहे हैं और जल्द ही इनकी पोस्टिंग भी कर दी जाएगी. आईएएस अधिकारी नवीन कुमार चंद्र कविनगर के निवासी हैं, जबकि इनकी पत्नी आईआरएस अधिकारी रंजना कुमारी राजस्थान के गांव सुजानगढ़ की निवासी हैं.

बिना दहेज की हुई ये शादी

नवीन कुमार चंद्र के आईएएस अधिकारी  बनने के साथ ही इनके लिए काफी सारे रिश्ते आने लगे थे और हर कोई अपने बेटी का रिश्ता इनसे करने के लिए खूब सारा दहेज देने को भी तैयार था. मगर नवीन कुमार चंद्र के पिता रामदेव ने इन सभी रिश्तों के प्रस्ताव को मना कर दिया था और अपने बेटे की शादी उसकी पसंद की लड़की से बिना कोई दहेज लिए करवाने का फैसला लिया था. आपको बात दें कि नवीन कुमार के पिता एक अकाउंटेंट हैं जबकि इनकी मां स्वर्णलता एक अध्यापक हैं और इन दोनों ने अपने बेटे की शादी साधारण तरीके से करने वाने में अपनी सहमति दी है.