रात में खर्राटों से आ चुके हैं तंग? तो करें ये एक सरल उपाय, दिल भी रहेगा स्वस्थ

नींद एक ऐसी अवस्था है जो ना केवल मनुष्य बल्कि पशु पक्षियों के लिए भी आवश्यक है. हम सभी दिन भर की भाग-दौड़ जिंदगी में मेहनत करते हैं और शाम होते होते थक के चूर हो जाते हैं. ऐसे में यदि शरीर को आराम देना है तो हमे कम से कम 6-8 घंटे की नींद की जरूरत महसूस होती है. आपने बहुत बार देखा होगा कि जो लोग दिन में अधिक शारीरक मेहनत करते हैं, वह रात भर गहरी नींद में सोते हैं और खर्राटे मारते हैं. ऐसे में वह तो आराम से सो जाते हैं लेकिन बाकी परिवार वाले उनके खर्राटों से परेशान आ जाते हैं. तो यदि आप भी इस समस्या के शिकार हैं तो यह ख़ास लेख केवल आपके लिए है. इस लेख में हम आपको खर्राटों से बचने का सबसे आसान एवं सरल उपाय बताने जा रहे हैं, जिसे अपना कर आपके साथ साथ आपके घरवाले भी चैन की नींद सो सकते हैं.

दरअसल, हमारी नीद ख़ास कर हमारे सोने का तरीका हमारी सेहत पर काफी गहरा असर डालता है. ऐसे में हमारी स्लीपिंग पोजीशन को अगर ठीक कर लिया जाए तो हम रात भर खर्राटों से बच सकते हैं. इससे ना केवल हमारे खर्राटों की समय दूर होगी बल्कि दिल भी स्वस्थ रहेगा. विशेषज्ञों के अनुसार रात में लेफ्ट साइड यानि बाईं ओर सोना बेस्ट स्लीपिंग पोजीशन है. इस तरह से सोने से अच्छी और गहरी नींद आती है और हम स्नोरिंग से भी बचे रहते हैं. चलिए जानते हैं लेफ्ट साइड सोने के हमारी सेहत को और क्या क्या फायदे हो सकते हैं-

हार्ट फंक्शन रहते हैं दरुस्त

जब भी हम रात में बाई और करवट लेकर सोते हैं तो इससे ग्रेविटी की मदद से हमारे दिल की तरफ लसिका की निकासी (lymph drianage) आसान हो जाती है. ऐसे में दिल के ऊपर काम करने का प्रेशर कम हो जाता है और सभी फंक्शन अच्छे तरीके से काम करते रहते हैं. दिल को स्वस्थ रखने के लिए ये सबसे उत्तम तरीका साबित हो सकता है.

पाचन क्रिया में आता है सुधार

रात में लेफ्ट साइड करवट लेकर सोने से ग्रेविटी का सीधा प्रभाव हमारी आंतो पर पड़ता है. इससे शरीर में जमा फ़ालतू पदार्थ छोटी आंत से बड़ी आंत में पहुँच जाते हैं जो कि सुबह मल त्यागने की क्रिया के साथ निकल जाते हैं. ऐसे में हमे सुबह फ्रेश होने में कोई दिक्कत नहीं आती साथ ही हमारा पाचन तंत्र भी दरुस्त बना रहता है.

गर्भवती महिलायों के लिए है उपयोगी

विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक शोध में पता चला कि जो गर्भवती स्त्रीयां रात में बाईं ओर सोती हैं, वह अन्य महिलायों के मुकाबले काफी स्वस्थ रहती हैं. ऐसा करने से उन महिलाओं की पीठ पर पड़ने वाला प्रेशर काफी कम हो जाता है जिससे गर्भाशय और फीटस तक रक्त का फ्लो ठीक बना रहता है. साथ ही इस तरीके से सोने से प्लैसेंटा तक पोषक तत्वों का बहाव आसानी से होता रहता है.यदि आप एक गर्भवती महिला हैं और आपको लेफ्ट साइड की पोजीशन में सोने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो आप घुटनों को थोडा मोड़ कर दोनों पैरों के बीच तकिया रख सकती हैं इससे आपको बेहतर महसूस होगा.