डिलीवरी के बाद बच्चे के पहली बार घर आने पर करें ये 5 काम, उज्ज्वल होगा बच्चे का भविष्य

किसी शादीशुदा जोड़े के बीच बस एक बच्चा आ जाता है तब उस कपल की डोर उस बच्चे के माध्यम से जुड़कर एक हो जाती है. बच्चा घर की रौनक होता है जिसके आने से घर का माहौल एकदम खुशनुमा बन जाता है और हर कोई उससे प्यार करने लगता है. घर में एक बच्चा जन्म लेता है लेकिन उस नन्ही सी जान के आने से पूरा घर खुशियों से भर जाता है और फिर वो सिर्फ अपने माता-पिता से नहीं बल्कि की सारे लोगों से अलग-अलग रिश्ते बना जाता है. अस्पताल में बच्चे के जन्म के बाद जब उसे लाया जाता है तब कुछ ऐसे काम है जो आमतौर पर सभी नहीं करते और अगर करते हैं तो कुछ ना कुछ रह ही जाता है इसलिए डिलीवरी के बाद बच्चे के पहली बार घर आने पर करें ये 5 काम, इनक कामों के होने से बच्चे का जीवन सुखमय बीतेगा.

डिलीवरी के बाद बच्चे के पहली बार घर आने पर करें ये 5 काम

महिला की डिलीवरी के दौरान मां को हॉस्पिटल एडिमिट कराने से लेकर बच्चे के घर आने तक हिंदू धर्म में अनेक कार्य किये जाते हैं. ऐसा इसलिए होता जिससे मां और बच्चे दोनों ही सुरक्षित रहें लेकिन जब डिलीवरी के बाद बच्चा घर आता है तो उसके जीवन को बेहतर बनाने के लिए आपको ये काम जरूर करना चाहिए.

आरती से करें स्वागत

हिंदू रीति-रिवाजों के हिसाब से जब कोई नया मेहमान हमारे घर आता है तो उसका स्वागत आरती के साथ करते हैं. फिर वो शादी के बाद पहली बार बेटी घर आए या बहू घर आए या फिर कोई खास अथिति घर आए. उसी तरह ये नया नन्हा मेहमान भी घर पहली बार ही आता है और उसके लिए पूजा की थाली तैयार करें और उस बच्चे के साथ-साथ मां की भी आरती उतारना चाहिए क्योंकि ऐसा कहा गया है कि बच्चे को जन्म देने के साथ ही मां का भी एक नया जन्म होता है.

नजर उतारना है जरूरी

बच्चा चाहे काला हो गोरा हो या फिर सांवला हो लेकिन बच्चे हमेशा क्यूट ही लगते हैं. खासतौर पर न्यू बॉर्न बेबी को बहुत जल्दी ही लोगों की नजर लगती है इसलिए वो घंटों रोते रहते हैं. नजर का मतलब बुरी ही नहीं होता बल्कि कभी-कभी लोगों का दुलार भी बच्चे को नजर लगा देता है. इसके लिए आपको एक कागज लेना होगा उसमें नमक और राई डाल दें. अब इसकी पुड़िया बनाएं और बच्चे के ऊपर से करीब 21 बार उतार लें. फिर उस पुडिया को बाहर या छत पर जाकर कचरे में फेंक दें. ऐसा आप हफ्ते में एक बार जरूर करें. आपका बच्चा बुरी नजर से बचकर स्वस्थ रहेगा.

कमरे में छिड़के गंगाजल

जिस कमरे में न्यू बॉर्न बेबी को रहना है उस कमरे का वातावरण पवित्र रखें. वहां पर गंगाजल से छिड़काव करके उसे पवित्र बनाए इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और बच्चे पर भी पॉजिटिव असर दिखाई देगा. इसके साथ ही बच्चे के आस-पास किसी भी प्रकार की बुरी शक्तियां नहीं आ पाएंगी.

इस चीज को तकिये के नीचे रखें

अक्सर आपने देखा या सुना होगा कि बच्चा सोते-सोते चौंक जाता है और रोने लगता है. दरअसल शास्त्रों में इसके बारे में बहुत सी बातें लिखी हैं, ये सब इसलिए होता है क्योंकि जो पिछला जन्म वो छोड़कर आया है उसके कुछ साएं उसे परेशान करते हैं लेकिन समय के साथ वो सब भूल जाता है. ऐसा माना जाता है कि बच्चे को ऐसा 2 साल की उम्र तक होता है. इसलिए बड़े बुजुर्ग बच्चे के लिए सरसों की तकिया बनाते हैं जो राई से भरी होती है और उस तकिया के नीचे कोई लोहे की चीज रख देते हैं जिससे उस बच्चे को सपने तो आते हैं लेकिन वो डरता नहीं है.

सत्यनारायण की कथा करवाएं

हिंदू धर्म में कोई भी शुभ काम ‘सत्यनारायण भगवान’ की कथा के बिना अधूरा माना जाता है. इसलिए जब बच्चा हो तो उसकी छठी के बाद सत्यनारायण की कथा सुनना अच्छा माना जाता है. इसके अलावा ये कथा हर तीन महीने के अंतराल में होनी चाहिए इससे बच्चे का भाग्य प्रबल होगा और उसके जीवन में खुशियां आएंगी.