राजनीति

राहुल गांधी को याद आ गया मोगैम्बो, ट्वीट कर लिखी ये बात

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर राफेल डील के मुद्दे पर मोदी सरकार पर जमकर महला बोला है। राहुल गांधी ने इस मौके पर मोगैम्बो को याद करते हुए उसकी तुलना अफसर , मंत्रियो और बड़े उद्योगपतियों से कर दी। बता दें कि मिस्टर इंडिया फिल्म में अमरीश पुरी ने मोगैम्बो का किरदार निभाया था जो पूरी दुनिया पर हुकुमत पाना चाहता था। राहुल ने राफेल डील में हुई गड़बड़ी के मुददे पर ट्वीट किया है। राहुल गांधी ने कहा कि यह मामला तो झलक भर है। सेना लूटने के लिए उन्होंने चुनिंदा अफसरों , मंत्रियों , उद्योगपतियों का मोगैम्बो जैसा मकड़जाल बनाया है।

 

बीजेपी ने नहीं दी प्रतिक्रिया

राहुल गांधी ने कहा कि देश को ऐसे लोग खोखला कर रहे हैं औ इनके तार मोदी से जुड़े हैं। अभी कई मुखौटे उतरने वाले हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने इन सभी लोगों की तुलना मोगेम्बो के मकड़जाल से की। हालांकि राहुल गांधी के इस बयान के बाद अभी तक बीजेपी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि कांग्रेस को राफेल डील के साथ मोदी  सरकार पर निशान साधते नजर आई है। राहुल गांधी का आरोप है कि य़ूपीए सरकार के समय विमान की तय कीमत के मुकाबले मोदी सरकार ज्यादा कीमत अदा कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि इस सौदे में ऑफसेट साझेदार के तौर पर पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को उपेक्षित रखा गया है और रिलायंस डिफेंस को इसका फायदा पहुंचाया गया है।

क्या है राफेल डील

राफेल डील वह समझौता है जिसमें भारते के रक्षक मंत्रालय ने फ्रांस में स्थित डेसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल ल़ड़ाकू जेट विमाने खरीदें हैं। इसके लिए सितंबर 2016 में भारत और फ्रांस ने एक अंतर  सरकारी समझौते पर दस्तखत किए थे।

हालांकि सरकार की तरफ से कांग्रेस और राहुल गांधी के इन आरोपो को खारिज किया गया है। सरकार और राफेल विनिर्माता कंपनी दसॉ का कहना है कि यह सौदा पूरी तरह से नियमों के तहत किया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील के साथ साथ नोटबंदी के मामले में भी मोदी सरकार पर निशाना साधते आए हैं।

नोटबंदी सबसे बड़े घोटाला

मध्यप्रदेश की एक रैली को संबोधित करते हुए नोटबंदी को सबसे बड़ा घोटाला करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर नोटबंदी काले धन के खिलाफ लड़ाई थी तो लाइन में सिर्फ किसान , मजदूर और और छोटे व्यापारी क्यों दिखे, सूट बूट वालें क्यों नहीं दिखे। पीएम मोदी ने 3.5 लाख करोड़ रुपए माफ कर दिए। मनरेगा चलाने के लिए साल के 35 हजार करोड़ रुपए लगते हैं।ऐसे मनरेगा के लिए उन्होंने 15 लोगों के लिए  3.5लाख करोड़ रुपए माफ कर दिए।

राहुल ने कहा कि राज्य के युवा खासकर इस विधानसभा क्षेत्र के युवा कहते है कि मोदी जी यहां हमारी इंडस्ट्री बंद हो गई जो पहले था वह खत्म हो गई, रोजगार खत्म हो गए। यहां आपने कितना पैसा लगाया, लेकिन उसका कोई जवाब नही है, लेकिन इसका कोई जवाब नही है। राहुल गांधी ने कहा कि वह पीए नरेंद्र मदी से मिलने उनके ऑफिस गए और उन्होंने किसानों की कर्जमाफी की बात कही तो प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं बोला।

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