अध्यात्म

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार जानिए चरण स्पर्श करने के पीछे आखिर क्या है वजह?

हमारे भारत देश में ऐसी बहुत सी परंपराएं हैं जो प्राचीन काल से चली आ रही हैं जिन परंपराओं को भारतीय संस्कृति में आज तक निभाया जाता है इन्हीं परंपराओं में से एक चरण स्पर्श करना है भारतीय परंपरा के मुताबिक ऐसा माना गया है कि अगर व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर करता है तो इससे उसका पूरा दिन बहुत ही अच्छा व्यतीत होता है वैसे देखा जाए तो इसमें किसी बात का संदेह नहीं है कि बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद पाकर व्यक्ति को शक्ति मिलती है इनके आशीर्वाद में काफी ताकत होती है इन्हीं ताकत की वजह से व्यक्ति के जीवन से बुरी घटनाएं भी दूर हो सकती है शायद यही वजह है कि पहले के समय में लोग सुबह उठते ही सबसे पहले भगवान का नाम लिया करते थे और उसके पश्चात अपने माता पिता के चरण स्पर्श किया करते थे परंतु आजकल के समय में लोगों के पास इतना वक्त नहीं है कि वह सुबह उठकर अपने माता पिता के चरण स्पर्श करें या फिर भगवान को याद करें वैसे पुरानी परंपरा के अनुसार यदि घर के छोटे अपने घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते हैं तो इससे घर परिवार के बड़े लोगों को सम्मान भी प्राप्त होता है।

आजकल के समय में बहुत से लोग ऐसे हैं जो हिंदू संस्कृति में बड़ों के पैर छूना मात्र एक रीति रिवाज समझते हैं परंतु यह एक रीति रिवाज ही नहीं बल्कि आदर का भी एक स्वरुप माना गया है यानी अगर आप किसी बुजुर्ग को सम्मान देना चाहते हैं तो बस उनको या तो प्यार से नमस्कार कर दीजिए या फिर उनके चरण स्पर्श कर लीजिए इसके अतिरिक्त चरण स्पर्श करने के और भी बहुत से फायदे होते हैं मनोवैज्ञानिकों का ऐसा कहना है कि चरण स्पर्श करने से व्यक्ति के लिए अपने लक्ष्य को हासिल करना काफी सरल हो जाता है जी हां, आप लोग बिलकुल सही सुन रहे हैं क्योंकि अगर आप अपने बड़े बुजुर्गों के चरण स्पर्श करते हैं तो आपको अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का हौसला मिलता है परंतु अधिकतर व्यक्ति चरण स्पर्श करते समय इन सभी बात पर गौर नहीं करते हैं बस उनके मन में यही रहता है कि हमको चरण स्पर्श करना है जिससे हमारा आचरण सही समझा जाए।

ज्यादातर लोगों के मन में यही धारणा रहती है कि अगर हम अपने बड़े या बुजुर्ग के चरण स्पर्श करेंगे तो इससे हमारा चरित्र सही होगा और दूसरों की नजरों में हम अच्छे रहेंगे परंतु चरण और आचरण के बीच काफी गहरा संबंध होता है जिस व्यक्ति का आचरण ही अच्छा ना हो उसके चरण स्पर्श करने से कोई लाभ नहीं प्राप्त होता है सही मायने में ऐसा व्यक्ति सम्मान के लायक नहीं होता है इसलिए आप भूल कर भी गलत व्यक्ति के चरण स्पर्श मत कीजिए।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार चरण स्पर्श करना वास्तव में एक व्यायाम भी होता है अगर आप चरण स्पर्श करते हैं तो इससे आपका शारीरिक व्यायाम हो जाता है जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि चरण स्पर्श करने के लिए व्यक्ति को झुकना पड़ता है ऐसी स्थिति में उसका पूरा शरीर मुड़ जाता है इसके अतिरिक्त जब हम चरण स्पर्श करने के लिए झुकते हैं तो इस तरह से हमारे शरीर का लचीलापन भी बना रहता है यहां तक कि इससे हमारे मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह भी तेज हो जाता है जो मस्तिष्क की मांसपेशियों के लिए अच्छा माना गया है।

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