राहुल गांधी का बड़ा वादा ‘अगर 2019 में बनी कांग्रेस की सरकार तो लाएंगे पेंशन स्कीम’

आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कमर कस ली। जी हां, किसानों से वादा करने के बाद अब राहुल गांधी ने सैनिकों से वादा किया है। राहुल गांधी आगामी चुनाव में कांग्रेस की वापसी के लिए एड़ी चोटी का बल लगाते हुए नज़र आ रहे हैं। यही वजह है कि वह हर वर्ग पर खुद विशेष रूप से ध्यान दे रहे हैं। राहुल गांधी कांग्रेस की खोई हुई जमीन को वापस दिलाने के हर संभव कोशिश कर रहे हैं, इसलिए वे बहुत बड़े बड़े वादे करते हुए नज़र आ रहे हैं।  तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?

कांग्रेस अध्यक्ष शनिवार को सैन्यकर्मियों के साथ मुलाकात में राफेल सौदे में ‘गड़बड़ी’ और ओआरओपी में सैनिकों के साथ ‘धोखे’ की बात उठाई गई, जिसके बाद उन्होंने सैन्यकर्मियों से बड़ा वादा किया। जी हां, राहुल गांधी ने कहा कि अगर 2019 में हमारी सरकार आएगी तो हम पेंशन बनाएंगे। राहुल गांधी के इस बड़े वादे से 2019 में कांग्रेस की वापसी को लेकर कई तरह की  संभावनाएं जताई जा रही है। सैन्यकर्मियों से मुलाकात के दौरान राहुल ने उनकी समस्याओं  का जिक्र भी किया और समाधान करने के लिए कांग्रेस की वापसी की अपील की।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि राफेल के एक हवाई जहाज के लिए 1600 करोड़ रुपए दिए गए, जो कि भ्रष्टाचार का बहुत बड़ा उदाहरण है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने सैनिकों के लिए ओआरओपी का वादा तो किया, लेकिन उसे पूरा नहीं कर सकी। ऐसे में अगर हमारी सरकार आएगी, तो  सैनिकों के लिए पेंशन स्कीम लागू करेंगे और हमारी बीजेपी की सरकार से एकजुट लड़ाई जारी रहेगी। बताते चलें कि राहुल गांधी कई बार राफेल डील को लेकर सरकार को घेर चुके हैं, ऐसे में अब वे इस मुद्दे को 2019 के चुनाव तक बीजेपी के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

सैन्यकर्मियों से मुलाकात के दौरान वन रैंक वन पैंशन की तुलना राफेल सौदे से करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपए दे सकती है लेकिन पूर्व सैन्यकर्मियों के लिए 19 हजार करोड़ रुपए नहीं दिए जा रहे। इससे पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में राहुल ने किसानों से वादा करते हुए कहा था कि अगर केंद्र में उनकी सरकार आएगी तो पूरे देश के किसानों का कर्ज 10 दिन में माफ किया जाएगा। ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि राहुल का यह दांव क्या कांग्रेस की नैया पार लगाने में सफल हो पाएगी।