सिरडी साईं बाबा के मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, 475 करोड़ रूपयों के विकास कार्यों का दिया सौगात

पीएम नरेंद्र मोदी आज सिरडी के साईं बाबा के मंदिर पहुंच कर वहां पूजा अर्चना की। बता दें कि प्रधानमंत्री सिरडी के साईं बाबा के सौंवे समाधि वर्ष के समापन समारोह के लिए पहुँचे हैं। पीएम मोदी ने पूरे भक्ति के साथ पूजा अर्चना की और शिरडी के साईं बाबा के आरती में भी शामिल हुए।

साईं बाबा के सौंवे समाधि वर्ष के समापन समारोह का कार्यक्रम पिछले तीन दिनों  से चल रहा है। समारोह की ध्वजा उतारकर पीएम ने कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया। बता दें कि पीएम ने 475 करोड़ रूपयों के विकास कार्यों की भी सौगात की।

प्रधानमंत्री ने इन सभी कार्यक्रमों के बाद एक एक जनसभा को संबोधित किया और पूरे सभी देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने देश के हर नागिरक को विजयादशमी और दशहरे की शुभकामनाएं दी। पीएम ने कहा कि मेरी हमेशा ये कोशिश रहती है कि हर त्यौहार अपने देशवासियों के साथ मनाऊँ और आज मैं इसी भावना के साथ आपके बीच उपस्थित हुआ हूँ।

पीएम मोदी ने कहा कि विजयादशमी के पावन पर्व के अलावा आज शिरडी के इस पवित्र धरती पर एक और पावन अवसर के साक्षी बन रहे हैं।उन्होंने कहा कि मैंने साईं बाबा के दर्शन किए और मैं जब भी साईं बाबा के दर्शन करता हूं मुझे करोड़ों श्रद्धालुओं की तरह सेवा करने का उत्साह आ जाता है। पीएम ने कहा कि शिरडी तात्या पाटिल की नगरी है और दादा कोते पाटिल और माधवराव देशपांडे जैसे महापुरूष इसी धरती ने दिए हैं।

कांग्रेस पर साधा निशाना-

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि गरीबों को घर देने की कोशिशें पहले भी हुई हैं लेकिन उनका लक्ष्य गरीबों को घर देकर उन्हें सशक्त करने के बजाए एक विशेष परिवार के नाम का प्रचार प्रसार करना अधिक रहा है। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि अच्छा घर हो, पानी हो, गैस कनेक्शन हो, शौचालय हो ऐसी किसी नीति पर इससे पहले बहुत कम ही ध्यान दिया गया। लेकिन जब उद्देश्य बदलकर राजनीतिक स्वार्थ के बजाए गरीबों का कल्याण करना हो तो कार्य करने की गति कैसे बढ़ जाती है ये आज पूरे देश के सामने मौजूद है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछली सरकार ने अपने अंतिम चार वर्षों में मात्र 25 लाख ही घर बना पाई थी। जबकि वर्तमान में भाजपा की सरकार ने 1 करोड़ 25 लाख घर बनाए हैं। उन्होंने कहा कि जब साफ नियत और गरीब की कल्याण के भाव से काम होते हैं तो उसके परिणाम भी ऐसे ही आते हैं।