रावण युद्ध में नहीं बल्कि इस काम में भी था माहिर, दशहरा पर जानिए रावण से जुड़ी 10 बातें

पूरा भारत दशहरा के रंग में रंग चुका है, हर कोई बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में विजयादशमी को बहुत ही धूमधाम से मनाता है और ऐसा सदियों से चला आ रहा है. रावण की प्रतिमा को हर साल जलाकर लोग ये बताते हैं कि जब-जब कोई भी बुराई की राह पर चलता है तो उसका यही अंजाम होता है. रावण बहुत ही परामक्रमी और तेज दिमाग वाला राजा था लेकिन उसकी गलती ये थी कि उसे अपनी ताकत का अंहकार था और अहंकार कभी किसी का रहा नहीं है तो रावण का कैसे रह सकता है. दशहरा का त्यौहार पूरे भारत में मनाया जाता है और जगह-जगह इसका मेला लगाया जाता है जहां लोग अपने परिवार के साथ इस त्यौहार का आनंद उठाते हैं. रावण युद्ध में नहीं बल्कि इस काम में भी था माहिर, इसके अलावा भी उसमें बहुत सी ऐसी शक्तियां थीं जिनके बारे में हर किसी को जानना चाहिए.

रावण युद्ध में नहीं बल्कि इस काम में भी था माहिर

दशहरा का त्योहार भगवान श्रीराम के लंकापति रावण का वध करके बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल करने की खुशी में मनाया जाता है. इस दिन भारत के सभी लोग इस त्यौहार को सेलिब्रिटे करते है लेकिन रावण के बारे में शायद ही इन 10 बातों से वाकिफ हों. इस मौके पर आज हम आपको रावण से जुड़ी ऐसी कुछ बातें बताएंगे जो आपको जरूर जाननी चाहिए.

1. रावण का कुल आधा ब्राहण और आधा राक्षस का था, इनके पिता का नाम विश्वश्रवा और माता का नाम केकशी था.

2. रावण का नाम बचपन में दसग्रीवा या दशानन था, बाद में शिवजी से वरदान पाने के बाद वो सच में दस सिर वाला दशानन बन गया था.

3. रावण ने इच्छावशु वंश के राजा अनरन्या को मारा था और श्रीराम भी इसी वंश के थे. मरते समय राजा ने रावण को श्राप दिया था कि राजा दशरथ का बेटा तुम्हारा वध करेगा और ऐसा ही हुआ.

4. रावण ने बंदरों के राजा बाली को भी मारने की कोशिश की थी. बाली उस समय समुद्र के किनारे सूर्य की पूजा कर रहे थे. जबकि बाली को रावण का मित्र बताया गया था.

5. रावण सिर्फ युद्ध कला में ही निपुण नहीं था बल्कि उसे वेद और ज्योतिषी का भी काफी ज्ञान था. तभी तो जब रावण मृत अवस्था में पड़ा था तब श्रीराम ने अपने भाई लक्ष्मण को उसके पास ज्ञान लेने के लिए भेजा था.

6. श्रारीम ने जब लंका पर हमला करने के लिए रामसेतु बनाया था तब रावण ने पुरोहित होने का धर्म निभाया था.

7. रावण शासन-कला और कूटनीति की कला में माहिर था. जब रावण अपनी अंतिम सांसे गिन रहा था तब राम ने अपने भाई लक्ष्मण को रावण के पास यह श‍िक्षा प्राप्त करने के लिए भेजा था.

8. रावण का साम्राज्य बालीद्वीप (बाली), मलायाद्वीप (मलेशिया), अंगद्वीप, शंखद्वीप, खुशद्वीप में फैला हुआ था.

9. कहा जाता है रावण का पुष्पकविमान कोई भी आकार ले सकता था. यह विमान दिमाग की रफ्तार से उड़ सकता था.

10. रावण को भगवान ब्रह्मा से आशीर्वाद मिला था कि कोई देव, राक्षस, किन्नर और गंधर्व उन्हें मार नहीं सकता.