स्वास्थ्य

रहना चाहते हैं सेहतमंद तो खाएं नवरात्रि में उगाये जाने वाले जौ, जानिए क्या हैं इसके फायदे?

न्यूज़ट्रेन्ड हेल्थ डेस्क- भारत एक उत्सवधर्मी देश है। आज कल नवरात्र का जबरदस्त माहौल चल रहा है। नवरात्र अपने अंतिम दिनों में पहुंच चुका है। नवरात्रि में पूरे नौ दिन धूमधाम के साथ देवी पूजन किया जाता है। साथ ही कई परंपराओं का पालन भी किया जाता है। जिसमें घटस्थापना से लेकर अनाज बोने की परंपरा शामिल है। देवी पूजन बहुत ही नियम औऱ कायदे के साथ किया जाता है। इसलिए इनके पूजन में हर तरह के परंपराओं का पालन करना बहुत ही आवश्यक है। इसी में जौ बोने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ये एक प्रकार की औषधि है। जो शरीर के लिए काफी लाभदायक है। आपको बता दें कि नवरात्रि में बोया जाने वाला जौ एक परंपरा तक ही सीमित नही है बल्कि इनका सेवन भी किया जा सकता है। इनके सेवन से शरीर स्वस्थ रहता है।

ये बात रिसर्च में साबित हो चुकी है कि जौ का रस शरीर के लिए काफी लाभदायक है। जौ का कई बीमारियों को दूर करता है। तो आइये जानते हैं कि नवरात्रि में बोए जाने वाले जौ का प्रयोग कैसे करें।

नवरात्रि के दौरान कैसे बोया जाता है जौ- छोटे छोटे मिट्टी के बर्तनों में गेहूँ बोया जाता है, मिट्टी के बर्तनों मेंं खाद मिला हुआ मिट्टी डालकर उसमें इतना गेंहूं बोएं कि ये मिट्टी न दिखे, इसमेंं बस इतना ध्यान रखें कि सूरज की किरणें इस बर्तन तक नहीं पहुँचनी चाहिए। इससे पत्ता उगकर बाहर आता है जिसमें रोजाना पानी डालने से ये पांच से सात इंच तक बड़े हो जाते हैं। इसे जौ कहा जाता है। जिस भी घर में मां देवी की पूजा की जाती है वहां ये अवश्य मिलता है। तो आइये जानते हैं कि इसके क्या क्या फायदे हैं।

  • हेल्थ टॉनिक होता है जूस- जौ के रस शरीर के लिए  किसी हेल्थी टॉनिक से कम नहीं है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन, क्षार आदि पाया जाता है जो शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत ही आवश्यक है। जौ के जूस के सेवन से कई प्रकार की बीमारियां दूर होती है।

  • आंखों के लिए फायदेमंद- अगर आप अपने कमजोर आंखों से परेशान हैं तो जौ के रस का सेवन करेें। इससे आंख संबंधी बहुत सी परेशानी दूर हो जाती है।
  • कब्ज से छुटकारा- जौ के रस के सेवन से  पेट और पाचन संबंधी सभी समस्याएं दूर होती हैं। कब्ज जिससे आजकल हर दूसरा इंसान परेशान रहता है। इस जौ के रस के  सेवन से ये समस्या दूर हो सकती है।

  • थकान- इस रस को पीसकर पीने से शरीर का दर्द छुटता है और थकान मिट जाती है। जौ के रस के कार्यक्षमता बढ़ती है।

  • गाठिया- जौ में कई प्रकार के औषधिय गुण पाए जाते हैं। इसमें शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पांच तत्वों में से चार की भरपूर मात्रा रहती है। जिसमें मुख्य रूप से विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, क्षार हैं। इसके अलावा जौ के पानी में एंटी इंफ्लीमेंट्री गुण भी होते हैं। गाठिया और जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों को जौ के पानी से बहुत फायदा मिलता है।
  • बॉडी डिटाक्स- जौ के पानी में बीटा ग्लूकेन नामक एक पदार्थ पाया जाता है जो शरीर से जहरीले पदार्थ को बाहर निकाल देता है। इससे पेट साफ रहता है और कैंसर की बीमारी के खतरे भी नहीं  रहते हैं। कब्ज जैसी बड़ी समस्या से छुटकारा देता है। इसमें मौजूद बीटा ग्लूकेन आंतों से जहरीले पदार्थ को निकाल देते हैं और बवासीर के खतरे को भी कम कर देते हैं।

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