सबरीमाला के अलावा इन धार्मिक स्थलों पर भी है महिलाओं का प्रवेश वर्जित

न्यूजट्रेंड वेब डेस्कः केरल का सबरीमाला मंदिर पहले से ही बहुत प्रसिद्ध था, लेकिन आज कल चर्चा में इसलिए भी है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी पाबंदी को हटा दिया है।कोर्ट के इस फैसले से महिलाओं में जहां खुशी हैं तो वहीं मंदिर के पुजारियों को निराशा है। कुछ महिलाएं भी महिलाओं की एंट्री से नाखुश हैं।

बता दें कि सबरीमाला मंदिर में 10 वर्ष से लेकर 50 वर्ष तक की आयु की महिलाओं और लड़कियों की एंट्री पर पाबंदी थी और यह प्रथा करीब 800 साल से चली आ रही थी। हालांकि सबरीमाला एकलौता ऐसा मंदिर या धार्मिक स्थान नही ही जहां महिलाओं के जाने पर पाबंदी है। भारत में कई ऐसे पवित्र स्थान हैं जहां महिलाओं का प्रवेश करना निषेध है।

जहां महिलाओं का प्रवेश करना वर्जित है

मुक्तागिरी जैन मंदिर

मुक्तागिरी जैन मंदिर मध्य प्रदेश के गुना में स्थित है। यह प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। हालांकि इसमें महिलाओं की एंट्री पर तो नहीं, लेकिन  आधुनिक कपड़े पहन कर जाना वर्जित है। ऐसे कपड़े पहनी महिलाओं को इस मंदिर में एंट्री नहीं मिलती है। मंदिर में ऐसे पहनावे पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध है।

कार्तिकेय मंदिर

हरियाणा की धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के पिहोवा में एक ऐसा मंदिर है जहां महिलाओं का प्रवेश निषेध है।यहां तक की नवजात बच्ची को गोद में लेकर मंदिर के अंदर जाने पर मनाही है और औरतों को सख्त हिदायत है कि वह मंदिर के भीतर झांके भी ना। ऐसा इसलिए कहा जाता है अगर किसी महिला ने कार्तिकेय महराज के पिंडी दर्शन कर लिए तो वो सातों जन्म तक विधवा रहती है।

पद्मनाभस्वामी मंदिर

केरल के तिरुअनंतपुरम में भगवान विष्णु का ये मंदिर महिलाओं के प्रवेश के लिए नहीं है। ये मंदिर विष्णु भक्तों की महत्वपूर्ण अराधना स्थली है। ऐसी मान्यता है कि इस स्थान से विष्णु भगवान की प्रतिमा प्राप्त हुई थी। यहां महिलाओं के जाने पर मनाही है।इस मंदिर को भारत का सबसे अमीर मंदिर कहा जाता है।

निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह

सिर्फ मंदिरों में ही नहीं मस्जिदों और दरगाह में भी महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी हैं। दिल्ली में स्थित औलिया का मकबरा सूफी काल से एक पवित्र दरगाह है।महिलाएं अंदर तो सजा सकती हैं, लेकिन मकबरे के अंदर महिलाओं का प्रवेश वर्जित है।हजरत निज़ामुद्दीन चिश्ती घराने के चौथे संत थे।

जामा मस्जिद

सबसे बड़ी मस्जिद है जामा मस्जिद है जो दिल्ली में स्थित है और यहां भी महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी हैं। शाम के बाद महिलाएं यहां पर प्रस्थान नहीं कर सकतीं।

हाजी अली दरगाह

बाबा हाजी अली शाह बुखारी की दरगाह सांप्रदायिक सद्धभाव के लिए प्रसिद्ध है। ये दरगाह मुंबई के वर्ली में है। यहां हाजी अली दरगाह का सबसे भीतरी हिस्से में औरतों के जाने पर मनाही है। इस्लाम शरियत कानून के अनुसार किसी भी पवित्र कब्र के पास महिलाओं का प्रवेश वर्जित है।