नवरात्र में नंगे पांव चलने से होते हैं ये 6 बड़े फायदे, जानिए क्या है इसके फायदे?

नवरात्र व्रत बहुत ही खास त्यौहार माना जाता है, इस दौरान व्रत करने वाले लोग बहुत से नियमों का पालन करते हैं और छोटी छोटी बातों का ध्यान भी रखते हैं। कुछ लोग व्रत के दौरान भी स्वस्थ रहने के लिए अपने पैदल चलने के अभ्यास को नहीं छोड़ते इस दौरान वो हमेशा इस बात का ख्याल रखते हैं कि वो नंगे पांव ही चलें। नवरात्र व्रत के दौरान कुछ लोग बहुत ही कठिन नियमों का पालन करते हैं। इन नियमों में 9 दिनों तक जूता चप्पल पहनने को निषेध करते हैं। हालांकि नंगे पांव चलने के कुछ अद्भूत फायदे भी हैं।

तो आज हम इन्ही अद्भूत फायदों के बारे मेंं बताने जा रहे हैं। चलिए बिना देरी के आपको बता दें कि नंगे पांव चलने के क्या क्या फायदे होते हैं।

नंगे पांव चलना
नंगे पांव चलना
  • सूर्य से विटामिन डी मिलता है- नवरात्र के दौरान मौसम बहुत ही अच्छा होता है। न ही अधिक गर्मी न ही अधिक सर्दी। इस मौसम में बरसात जा रही होती है और सर्दी की दस्तक शुरू होती है। तो अगर आप इन दिनों नंगे पांव चलेंगे तो आपको सूर्य से विटामिन डी अच्छे से प्राप्त होता है। और शरीर में विटामिन डी की कमी से होने वाले रोगों के बारे में छुटकारा मिलता है।
  • एक्यूप्रेशर- असल में होता ये है कि आपके हाथों और पांव के नसें एक साथ जुड़ी हुई होती है। तो अगर आप नंगे पांव चलते हैं तो पैर की नसों में अधिक बल लगता है। और पैर की नसों पर दबाव पड़ता है। इससे पैर में रक्त का संचरण तेजी से होने लगता है और अगर किसी प्रकार का ब्लाकेज होता है तो ये खत्म हो जाते हैं। इसके लिए आप गार्डन में हरे घास के बीच कुछ देर नंगे पांव वाकिंग कर सकते हैं। इस प्रकार से नंगे पांव चलना सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।
  • मांसपेशियां सक्रिय- नंगे पांव चलने से पांव के अलावा पूरे शरीर की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं। इसका प्रयोग जूता चप्पल पहनने के दौरान नहीं होता है। इसका मतलब है कि अगर आप नंगे पांव चलेंगे तो इससे जुड़े सभी मांसंपेशियां सक्रिय हो जाएंगे।
नंगे पांव चलना
नंगे पांव चलना
  • ऑक्सीजन मिलती  है- पहले के लोग अपने पैरों को पैक नहीं रखते थे उनके आदत मेंं अक्सर खुले नंगे पांव चलने की थी। लेकिन समय के साथ जूता चप्पल पहनने की आदत आ गई। अगर आप भी अपने पैरों को हमेशा जूते के अंदर पैक रखते हैं तो इससे आपके पैरों को भरपूर ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। जबकि अगर पैरों को खुला रखा जाए  तो पैरों को सही मात्रा में ऑक्सीजन प्राप्त होता है और पैर का रक्त संचरण सही रहता है। इससे पैरों में होने वाली दर्द या थकान भी मिट जाती है।
  • शरीर का तापमान बैंलेंस- नवरात्र के मौसम में थोड़ी थोड़ी ठंड रहती है। लेकिन धरती थोड़ी सी गर्म रहती है। ऐसे में अगर आप रोजाना कुछ देर नंगे पांव चलेंगे तो शरीर का तापमान बैंलेंस रहेगा। और इससे सर्दगर्म जैसी समस्या नहीं होगी । साथ ही सर्दी और कफ जैसी समस्याओं  से भी छुटकारा मिलेगा।
  • तनाव से दूर रहेंगे- नवरात्र के दौरान कुछ लोग व्रत भी रखते हैं। लेकिन अपना कार्य भी जारी रखना पड़ता है जैसे- जॉब वगैरह। इस दौरान तनाव भी हो जाता है ऐसे में नवरात्र में नंगे पांव चलने से हाइपरटेंशन, तनाव, नींद न आना, आर्थराइटिस, अस्थमा जैसी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। क्योंकि माना जाता है कि नंगे पांव चलने से शरीर की इम्यून सिस्टम भी बूस्ट होती है।